वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सभी बड़ी बातें,जानिये बिन्दुवार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस की मुख्य बाते:-
- वित्त मंत्री ने कहा कि समाज के कई वर्गों से बातचीत कर पैकेज तैयार किया गया है. पैकेज के जरिए ग्रोथ को बढ़ाना है. भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, इसलिए इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान कहा जा रहा है.
- वित्तभ मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रें स में कहा कि स्थानीय ब्रांड को दुनिया में पहचान दिलानी है. आत्मनिर्भर भारत का मतलब आत्मविश्वासी भारत है. जो स्था्नीय स्तार पर उत्पाद बनाकर ग्लोबल उत्पादन में योगदान करे, अपने तक सीमित न रहे.
- संकट में फंसे मध्यपम, लघु और सूक्ष्मक उद्योगों (MSME) के लिए 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित. MSME को चार साल तक बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ तक का लोन दिया जाएगा. 2 लाख MSME को 20 हजार करोड़ रुपये से लाभ होगा.
- मध्य.म, लघु और सूक्ष्मल उद्योगों (MSME) को विस्ताकर के लिए 50 हजार करोड़ रुपये आवंटित. इस फंड से MSME रुका हुआ काम शुरू कर सकेंगी. अपनी क्षमता बढ़ाने में इससे उन्हेंम मदद मिलेगी.
- 1 करोड़ रुपये तक का निवेश और 5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट में आएंगी.
- 10 करोड़ रुपये तक का निवेश और 50 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियां स्मॉ्ल यूनिट में आएंगी.
- 20 करोड़ रुपये तक का निवेश और 100 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियां मीडियम यूनिट में आएंगी.
- 200 करोड़ रुपये का टेंडर अब ग्लोबल टेंडर नहीं माना जाएगा. इससे आत्मंनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को बल मिलेगा.
- 45 दिनों के अंदर मध्यडम, लघु और सूक्ष्मन उद्योगों (MSME) के सरकारी स्तर पर बकाया धनराशि का भुगतान करने का प्रयास किया जाएगा.
- 15 हजार रुपये से कम सैलरी वाले कर्मचारियों का ईपीएफ सरकार देगी. सरकार अगस्त तक यह देगी. इससे 72.22 लाख कर्मचारियों को लाभ होगा. सरकार 12 फीसदी नियोक्ता का हिस्साे और 12 फीसदी कर्मचारी का हिस्सा. सरकार देगी.
- अगले तीन महीने तक नियोक्ता और कर्मचारी के लिए पीएफ में 12-12 फीसदी के बजाय 10-10 फीसदी जमा करने का प्रावधान. सीपीएसई और स्टेट पीएसयू में एम्पीलॉयर 12 फीसदी ही हिस्सा् डालेंगे. यह नीति उनके लिए है जिन्हेंम पीएम गरीब कल्यााण पैकेज के तहत सरकार की ओर से 24 फीसदी ईपीएफ की सहायता नहीं मिल पाएगी.
- NBFC के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीकम 2.0 के तहत 45000 करोड़ रुपये.
- देश में काम कर रहे कॉन्ट्रे्क्ट र्स को अधिकतम छह महीने तक की राहत दी गई है.
- बिजली कंपनियों को 90 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद.
- रेलवे, सड़क, हाईवे और अन्य़ जगह काम कर रही निर्माण कंपनियों को राहत दी गई है. यह राहत 6 महीने के समय के रूप में है. 25 मार्च 2020 को और उसके बाद खत्म होने वाले प्रोजक्टम की रजिस्ट्रेंशन और कंप्लीणशन की डेट को 6 महीने आगे बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा. ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए 6 महीने और मिलेंगे.
- 31 मार्च 2021 तक टीडीएस और टीसीएस दर में 25 फीसदी की कटौती की गई है.
- वर्ष 2019-2020 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की अंतिम तारीख को 31 जुलाई और 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई है.







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