BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

चौथी बार इस आईपीएस अधिकारी ने दिया इस्तीफा, जानें मामला...

चौथी बार इस आईपीएस अधिकारी ने दिया इस्तीफा, जानें मामला...
Share

बेंगलुरु : कर्नाटक के आईपीएस ऑफिसर और डीजीपी पी रवींद्रनाथ ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है। रवींद्रनाथ का कहना है कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। दरअसल हाल ही में पी रवींद्रनाथ का तबदला कर्नाटक पुलिस की ट्रेनिंग विंग में किया गया था, जिसे लेकर वह काफी नाराज हैं।


अपने इस्तीफे में पी रवींद्रनाथ ने लिखा कि 'मैंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जिसके कारण सिर्फ मुझे परेशान और मेरा उत्पीड़न करने के इरादे से समय से पहले मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है।' फिलहाल अब इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने लगी हैं।जिस पर कर्नाटक के मंत्री शिवराम हेब्बार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।


पी रवींद्रनाथ के इस्तीफे को लेकर मंत्री शिवराम हेब्बार ने कहा है कि 'इस तरह के इस्तीफे हर सरकार के कार्यकाल के दौरान आते हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐसा देखने को मिल रहा है। उनका (पी रवींद्रनाथ) कहना है कि वे दबाव में ऐसा कर रहे हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ अलग आंतरिक मामले होते हैं। मुझे नहीं पता की उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया।' आगे कहा है कि 'वरिष्ठ अधिकारी अपना फैसला खुद लेते हैं। उन्होंने सरकार को दोष नहीं दिया है। कोई काम करने वाला हमेशा किसी न किसी तरह के दबाव में रहेगा। मैं एक मंत्री हूं, और मैं बहुत दबाव में हूं लेकिन इस्तीफा इसका समाधान नहीं है।'


बता दें कि इससे पहले भी आईपीएस अधिकारी पी रवींद्रनाथ ने अपना इस्तीफा दिया है और यह उनका चौथा इस्तीफा है। फिलहाल वह इस्तीफा देने के कुछ समय बाद इसे वापस ले लेते हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2008, 2014 और 2020 में अपना इस्तीफा दिया था। फिलहाल पी रवींद्रनाथ आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं जो 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
 


Share

Leave a Reply