चौथी बार इस आईपीएस अधिकारी ने दिया इस्तीफा, जानें मामला...
बेंगलुरु : कर्नाटक के आईपीएस ऑफिसर और डीजीपी पी रवींद्रनाथ ने राज्य सरकार को निशाने पर लेते हुए अपना इस्तीफा दे दिया है। रवींद्रनाथ का कहना है कि उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा था। दरअसल हाल ही में पी रवींद्रनाथ का तबदला कर्नाटक पुलिस की ट्रेनिंग विंग में किया गया था, जिसे लेकर वह काफी नाराज हैं।
अपने इस्तीफे में पी रवींद्रनाथ ने लिखा कि 'मैंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जिसके कारण सिर्फ मुझे परेशान और मेरा उत्पीड़न करने के इरादे से समय से पहले मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है।' फिलहाल अब इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने लगी हैं।जिस पर कर्नाटक के मंत्री शिवराम हेब्बार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
पी रवींद्रनाथ के इस्तीफे को लेकर मंत्री शिवराम हेब्बार ने कहा है कि 'इस तरह के इस्तीफे हर सरकार के कार्यकाल के दौरान आते हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐसा देखने को मिल रहा है। उनका (पी रवींद्रनाथ) कहना है कि वे दबाव में ऐसा कर रहे हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ अलग आंतरिक मामले होते हैं। मुझे नहीं पता की उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया।' आगे कहा है कि 'वरिष्ठ अधिकारी अपना फैसला खुद लेते हैं। उन्होंने सरकार को दोष नहीं दिया है। कोई काम करने वाला हमेशा किसी न किसी तरह के दबाव में रहेगा। मैं एक मंत्री हूं, और मैं बहुत दबाव में हूं लेकिन इस्तीफा इसका समाधान नहीं है।'
बता दें कि इससे पहले भी आईपीएस अधिकारी पी रवींद्रनाथ ने अपना इस्तीफा दिया है और यह उनका चौथा इस्तीफा है। फिलहाल वह इस्तीफा देने के कुछ समय बाद इसे वापस ले लेते हैं। इससे पहले उन्होंने साल 2008, 2014 और 2020 में अपना इस्तीफा दिया था। फिलहाल पी रवींद्रनाथ आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं जो 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।







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