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पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाना बलात्कार है या नहीं? SC ने केंद्र को जारी किया नोटिस...फरवरी में होगी सुनवाई

पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाना बलात्कार है या नहीं? SC ने केंद्र को जारी किया नोटिस...फरवरी में होगी सुनवाई
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  नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। वहीं इस मामले में अगले साल फरवरी में सुनवाई की जाएगी। बता दें कि मैरिटल रेप के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की बेंच के विभाजित फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट की दो जजों की खंडपीठ ने मैरिटल रेप के अपराधीकरण को लेकर दो अलग-अलग फैसला सुनाया था। बेंच में से एक जज ने अपने फैसले में मैरिटल रेप को जहां अपराध माना है वहीं दूसरे जज ने इसे अपराध नहीं माना था। सुनवाई के दौरान जहां खंडपीठ की अध्यक्षता करने वाले न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने वैवाहिक बलात्कार अपवाद को रद्द करने का समर्थन किया, वहीं न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने कहा कि आईपीसी के तहत अपवाद असंवैधानिक नहीं है और एक समझदार अंतर पर आधारित है।

बता दें कि भारतीय कानून में मैरिटल रेप कानूनी अपराध नहीं है, हालांकि इसे अपराध घोषित करने की मांग को लेकर कई संगठनों की ओर से लंबे वक्त से मांग चल रही है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आईपीसी की धारा 375(दुष्कर्म) के तहत वैवाहिक दुष्कर्म को अपवाद माने जाने को लेकर संवैधानिक तौर पर चुनौती दी थी।


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