BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

BIG BREAKING : पूर्व राष्ट्रपति को हुई 15 महीने जेल की सजा, जानें क्या है पूरा मामला

BIG BREAKING : पूर्व राष्ट्रपति को हुई 15 महीने जेल की सजा, जानें क्या है पूरा मामला
Share

दक्षिण अफ्रीका के सुप्रीम कोर्ट ने देश के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (Jacob Zuma) को अदालत की अवमानना के लिए मंगलवार को 15 महीने कैद की सजा सुनाई. पिछले साल नवंबर में स्टेट कैप्चर में जांच आयोग के समक्ष सुनवाई का बहिष्कार करने और फिर इसमें शामिल होने से इंकार करने के लिए उन्हें सजा सुनाई गई.
अदालत ने यह भी कहा कि सजा निलंबित नहीं की जा सकती है. विभिन्न संस्थानों में भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोपों की जांच कर रहे आयोग ने कहा था कि जुमा को दो वर्ष कैद की सजा दी जाए. जुमा ने बार-बार कहा है कि आयोग के साथ सहयोग करने के बजाए वह जेल जाएंगे. सांविधानिक अदालत की न्यायमूर्ति सिसी खाम्पेपे द्वारा मंगलवार की सुबह दिए गए फैसले में उन्होंने जुमा के बयानों को ‘विचित्र’ एवं ‘नहीं बर्दाश्त करने योग्य’ बताया.

Jacob Zuma
न्यायाधीश ने कहा, ‘सांविधानिक अदालत का मानना है कि जिस व्यक्ति (जुमा) ने दो बार गणतंत्र (दक्षिण अफ्रीका), इसके कानून एवं संविधान की शपथ ली, उसने कानून की उपेक्षा की, इसे कमतर आंका और कई तरह से इसे खत्म करने का प्रयास किया.’ खाम्पेपे ने कहा, ‘पीठ के ज्यादातर न्यायाधीश यह मानते हैं कि कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि इस तरह से अवज्ञा और उल्लंघन गैर कानूनी है और दंडित किया जाएगा.’
 


Share

Leave a Reply