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चायवाले से प्रधानमंत्री तक...जानिए नरेंद्र मोदी का बचपन से अब तक का पूरा सफर

चायवाले से प्रधानमंत्री तक...जानिए नरेंद्र मोदी का बचपन से अब तक का पूरा सफर
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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17 सितंबर को जन्मदिन है। 1950 को गुजरात के महेसाणा जिले में स्थित वडनगर में जन्में नरेंद्र मोदी 17 सितंबर 2022 को पूरे 72 साल के हो जाएंगे। नरेंद्र मोदी का बचपन से लेकर प्रधानमंत्री बनने तक का सफर बहुत कठिन परिस्थितियों से गुजरा है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बनेगा।

नरेंद्र मोदी के पिता दामोदरदास की स्टेशन के बाहर एक चाय की दुकान थी, जिसमें वो भी अपने पिता की मदद के लिए जाते थे। परिवार का राजनीति से कोई नाता नहीं, लेकिन आमजनों के प्रति सेवा भाव ने उन्हें प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचा दिया और वे स्वतंत्र भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने।

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का सफर गुजरात के वडनगर से शुरू होकर दिल्ली स्थित पीएम हाउस तक पहुंचा। उनका ये सफर संघर्षों से भरा रहा। मां हीराबेन के लिए नरिया और दोस्तों के बीच एनडी के नाम से मशहूर नरेंद्र मोदी 6 भाई-बहनों में तीसरे नंबर के हैं।

गुजरात के वडनगर की गलियों में बचपन बिताने वाले मोदी की जिंदगी का सफर हर एक शख्स के लिए मिसाल है। उनके पिता दामोदरदास मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन के सामने एक छोटी-सी दुकान पर चाय बेचा करते थे। छोटी सी उम्र में ही अपने पिता का हाथ बंटाना शुरू कर दिया था। बचपन में मोदी को जब भी पढ़ाई से समय मिलता था, वे अपने पिता की मदद करने के लिए दुकान पर पहुंच जाते थे और ट्रेनों में चाय बेचते थे। मोदी कहते हैं कि मैंने चाय बेची, मुझे इस पर गर्व है लेकिन देश बेचने का काम नहीं किया।

नरेंद्र मोदी की जिंदगी में टर्निंग प्वाइंट तब आया जब 2001 में गुजरात में भूकंप ने जमकर तबाही मचाई थी। इस दौरान राजनीतिक दबाव के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद उनकी जगह नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया।

वहीं 2013 में भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को देश के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चुना। इसके बाद 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही बीजेपी ने लोकसभा चुनाव लड़ा और प्रचंड जीत हासिल की और मई, 2014 में वो देश के 14वें प्रधानमंत्री बने। 5 साल तक काम करने के बाद 2019 में देश की जनता ने उन्हें एक बार फिर प्रधानमंत्री के रूप में चुना।


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