रायपुर| देश के सात राज्यों के हजारों खाताधारकों के एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर डुप्लीकेट कार्ड बनाने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया है। गिरोह के मास्टरमाइंड यहां अपने साथी के साथ फेरीवाला बनकर रहता था। इसकी आड़ में वह शहर के बाहरी इलाकों के एटीएम बूथ में स्कीमिंग मशीन लगाकर ग्राहकों के एटीएम कार्ड को क्लोन कर लेता था। लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते हजारों खाताधारकों के खाते से करोड़ों रुपये बच गए। दरअसल गिरोह एटीएम कार्ड क्लोन कर उसका उपयोग ही नहीं कर पाए थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार आरोपितों से नकदी, बाइक, मोबाइल व दर्जनों डुप्लीकेट एटीएम कार्ड बरामद किया है। जिले में लगातार एटीएम क्लोनिंग के जरिए लोगों के से रकम पार होने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर एसपी प्रशांत कुमार अग्रवाल ने पुलिस अफसरों के साथ ही सिविल लाइन टीआइ कलीम खान, तारबाहर टीआइ सुरेंद्र स्वर्णकार, साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी, एसआइ रविन्द्र कुमार यादव, हेमंत आदित्य सहित अन्य पुलिसकर्मियों की टीम बनाई।
सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान अमित साहा, टीपू सुल्तान की पहचान कर उनकी धरपकड़ की गई। दोनों के मोबाइल की डिटेल चेक करने के बाद पुलिस भी सन्न रह गई। दरअसल दोनों आरोपित तालापारा व मसानगंज में रहते थे और फेरी लगाकर कारोबार करने का झांसा देते थे। ताकि किसी को उन पर शक न हो। लेकिन उनके मोबाइल की जांच के बाद आरोपितों के गिरोह की करतूतें सामने आ गई।
शहर के कई एटीएम बूथ से एटीएम कार्ड क्लोन कर डाटा गिरोह के सदस्यों को देकर रवाना कर दिए थे। पुलिस की जांच में पता चला कि गिरोह के दो सदस्य बिहार, झारखंड व ओडिशा में भी सक्रिय है। इनके द्वारा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, दिल्ली, आंध्रप्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार के एटीएम बूथों में स्कीमिंग मशीन लगाकर एटीएम कार्ड का डेटा तैयार किया गया है। फिर एटीएम कार्ड क्लोनिंग करने के साथ ही डुप्लीकेट एटीएम कार्ड तैयार किया गया है| इसी के जरिए गिरोह के सदस्य खातेदारों के एटीएम से रकम निकालते हैं। उनके मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर पुलिस की टीम गिरोह की पतासाजी के लिए बिहार व ओडिशा के साथ ही दिल्ली के लिए रवाना हुई। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया।
43 उपभोक्ताओं के 15 लाख, छत्तीसगढ़ के 41 खातेदारों के चार लाख निकाले
पकड़े गए गिरोह ने प्रदेश के 41 खातेदारों के करीब चार लाख रुपये डुप्लीकेट एटीएम कार्ड से पार किया है। इसी तरह दूसरे राज्यों के 43 उपभोक्ताओं के करीब 15 लाख रुपये एटीएम क्लोनिंग कर निकाले गए हैं। पुलिस अभी तस्दीक कर रही है। यह आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
शहर के एटीएम बूथ से दूसरे राज्यों के खातेदारों का हुआ आहरण
साइबर एक्सपर्ट प्रभाकर तिवारी ने बताया कि आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उनके द्वारा एटीएम क्लोनिंग कर डुप्लीकेट एटीएम कार्ड से दूसरे-दूसरे राज्यों से रकम निकाला जाता है। गिरोह के सदस्यों ने शहर के एटीएम बूथ से दूसरे प्रदेशों के खातेदारों की रकम निकाली है।
गिरोह के गिरफ्तार आरोपित
- अमित साहा पिता बोलाई चंद साहा (34) निवासी कासीम बाजार राजमहल, साहेबगंज झारखंड।
- मो. इकराम पिता मो. इजराइल (25) निवासी हाथीबाड़ी, राउरकेला, ओडिशा।
- टीपू सुल्तान उर्फ सुल्तान पिता रहमत अली (24) निवासी हाथीबाड़ी ओडिशा।
- लक्की उर्फ अंजार खान पिता असलम (30) निवासी बांदा उत्तरप्रदेश।
गिरोह के फरार आरोपित
- मो. इजाज खान पिता जाहिद हुसैन निवासी नवागांव हाथीबाड़ी सुंदरगढ़ ओडिशा।
- छोटू उर्फ इब्राहिम पिता मो. इजराइल निवासी हाथीबाड़ी राउरकेला, ओडिशा।
- शमीमुल्ला उर्फ राजू उर्फ इमाम पिता हबीबउल्ला खान निवासी गया, बिहार।
- कुंदनकुमार सिंह पिता रामनंदन निवासी गया, बिहार।
- अमन कुमार सिंह पिता अरविंद निवासी नवादा गया, बिहार।