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सरकार को बार व क्लब की चिंता है, लघु व्यापारियों के प्रति कोई संवेदना नहीं : राजेश मूणत

सरकार को बार व क्लब की चिंता है, लघु व्यापारियों के प्रति कोई संवेदना नहीं : राजेश मूणत
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रायपुर, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश सरकार द्वारा बार और क्लब के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस माफ़ करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश सरकार का बार और क्लब संचालकों के प्रति कुछ ज़्यादा ही अनुराग उमड़ता नज़र आ रहा है। खोमचे-ठेले चलाकर अपने परिवार का जैसे-तैसे भरण-पोषण कर रहे लघु व्यापारियों के प्रति प्रदेश सरकार का कोई सकारात्मक और संवेदनापूर्ण दृष्टिकोण अब तक नज़र नहीं आया है।

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पूर्व मंत्री श्री मूणत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अप्रैल से अगस्त तक 5 माह के लिए बार व क्लब संचालकों के लिए वार्षिक लाइसेंस फीस माफ और एफएल क्लब लाइसेंस के लिए चालू वर्ष में निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा में कमी करके यह साबित कर दिया है कि ग़रीबों और लघु व्यवसायियों के लिए उससे किसी तरह की संवेदनशील पहल की उम्मीद करना बेमानी है। श्री मूणत ने कहा कि प्रदेश एक तरफ गहरे अर्थसंकट के दौर में है, तब भी प्रदेश सरकार कोरोना काल की आड़ लेकर बार-क्लब की लाइसेंस फीस माफ करके प्रदेश की राजस्व आय को चूना लगा रही है लेकिन उसी कोरोना काल से जूझते हुए खोमचे-ठेले चलाकर अपने परिवार का जैसे-तैसे भरण-पोषण कर रहे लघु व्यापारियों के लिए उसकी संवेदना को काठ क्यों मार गया है? श्री मूणत ने कहा कि सरकारी स्कूल-कॉलेजों में दाखिले से लेकर हर मद की पूरी फीस ले रही सरकार बताए कि यह कहाँ का न्याय है कि एक तरफ सरकार शराब के धंधे में लगे लोगों पर मेहरबान होकर सरकारी खजाना लुटाने में भी नहीं हिचकिचा रही है, वहीं दूसरी तरफ रोजमर्रा के संघर्षों से जूझते लोगों को राहत पहुँचाने की कोई योजना ही उसने नहीं सोची है।
 


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