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राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी मुख्य अतिथि

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन   राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके होंगी मुख्य अतिथि
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रायपुर | राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन 28 दिसम्बर को आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके मुख्य अतिथि होंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सिंह, छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, सांसद श्री सुनील सोनी, श्रीमती छाया वर्मा, विधायक श्री सत्यनारायण शर्मा, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री धनेन्द्र साहू, श्री कुलदीप जुनेजा, श्री विकास उपाध्याय, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा और रायपुर नगर निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे उपस्थित रहेंगे।

 राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दूसरे दिन 28 दिसम्बर को  साइंस कॉलेज मैदान में लद्ाख, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, बेलारूस और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों द्वारा रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव में 28 दिसम्बर को सवेरे नौ बजे से दोपहर 12.50 बजे तक गुजरात का वसावा नृत्य, आंध्रप्रदेश का ढिमसा नृत्य, त्रिपुरा का ममिता नृत्य, झारखण्ड का पायका नृत्य, तमिलनाडु का टोडा नृत्य, आरूणाचल प्रदेश का आदि नृत्य, राजस्थान का गवरी नृत्य, छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव का हुल्की नृत्य सहित असम और मध्यप्रदेश राज्य का नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। दोपहर 12.50 बजे से 1.40 बजे तक श्रीलंका, थाईलैण्ड एवं मालदीव देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक गुजरात के कलाकारों द्वारा राठवा नृत्य, हिमांचल प्रदेश का किन्नौरा नृत्य, पश्चिम बंगाल का संथाली नृत्य का आयोजन होगा। शाम 5 बजे से 7.30 बजे तक ओडिसा का दुरवा नृत्य, बिहार का करमा नृत्य, अण्डमान निकोबार का निकोबारी नृत्य, तेलंगाना का माथुरी नृत्य, त्रिपुरा का होजागिरी नृत्य, उत्तराखण्ड का हारूल नृत्य, मणिपुर का थांगकुल नृत्य, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के कलाकारों द्वारा दंडामि माड़िया नृत्य प्रस्तुत की जाएगी। 7.30 बजे से 8.15 बजे तक अतिथियों के आगमन पर मंचीय कार्यक्रम होगा। रात्रि 8.15 बजे से 9 बजे तक बांग्लादेश, युगांडा एवं बेलारूस देशों से आमंत्रित कलाकारों द्वारा गैर प्रतियोगी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएगी।


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