हरियाली तीज व्रत आज, जानें पूजा विधि, मुहुर्त, मंत्र, उपाय और महत्व
27 जुलाई को हरियाली तीज है. पति की लंबी आयु और अच्छे वर की प्राप्ति के लिए ये व्रत किया जाता है, ऐसे में त्योहार से जुड़ी समस्त जानकारी आप यहां देख सकते हैं.
हरियाली तीज क्यों मनाया जाता है?
पौराणिक मान्यता के अनुसार, हरियाली तीज का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है.
हरियाली तीज की पूजा घर पर कैसे करें
हरियाली तीज के दिन महिलाएं सुबह स्नान करें और पूजाघर में घी का दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें. इस दिन अन्न-जल का त्याग करना चाहिए. सुहागिन महिलाएं हरियाली तीज पर 16 श्रृंगार कर तैयार हो जाएं. इस दिन खासतौर पर महिलाओं को हरे रंग की नई साड़ी, हरी चूड़ियां आदि पहननी चाहिए.
पूजा स्थल को साफ करें और गोबर का लेपन करें. इसके बाद गंगाजल छिड़कर कर शुद्ध करें. इसके बाद पूजा के लिए माता की चौकी सजाएं. हरियाली तीज की पूजा के लिए शुद्ध मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाई जाती है. अगर किसी कारण आप बालू से प्रतिमा न बना पाएं तो शिव-पार्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करके भी पूजा कर सकते हैं.
पूजा विधि शुरू करने से पहले शिव-पार्वती का आवह्न करें. गंगाजल और पंचामृत से शिवजी का अभिषेक करें. माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें. इसके बाद पूजा में बेलपत्र, धतूरा, सुपारी, अक्षत, नैवेद्य, फूल, फल, चंदन और भोग चढ़ाकर पूजा करें.
पूजा की सभी सामग्री अर्पित करने के बाद हरियाली तीज की व्रत कथा पढ़ें और फिर शिव पार्वती की आरती करें. पूजा हो जाने के बाद अगले दिन मिट्टी या बालू से बने प्रतिमा और पूजन सामग्री को नदी में प्रवाहित कर दें.
हरियाली तीज पूजा सामग्री
पीला वस्त्र, नए वस्त्र
बेलपत्र, धतूरा, शमी के पत्ते
कच्चा सूत
केले के पत्ते, आक का फूल
जटा वाला नारियल
कलश, पूजा की चौकी
सुपारी, अक्षत, दूर्वा घास, घी, कपूर
धूप, श्रीफल, जनेऊ, चंदन
गाय का दूध, गंगाजल, पंचामृत
पांच प्रकार के फल, मिठाई
माता पार्वती के लिए सोलह शृंगार की सामग्री
हरियाली तीज शुभ मुहुर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:46 से 05:30 मिनट तक।
प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:08 से 06:14 मिनट तक।
अमृत काल: दोपहर 01:56 से 03:34 मिनट तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:55 से 03:48 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:16 से 07:38 मिनट तक।
सायाह्न सन्ध्या: शाम 07:16 से 08:22 मिनट तक
हरियाली तीज पूजा का मंत्र
हरियाती तीज की पूजा में ये संपूर्ण मंत्र का जाप करें - ऊँ हौं जूं स: ऊँ भुर्भव: स्व: ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ऊँ भुव: भू: स्व: ऊँ स: जूं हौं ऊँ।।
हरियाली तीज पर हरा रंग क्यों पहनते हैं
ज्योतिष शास्त्र में हरा रंग बुध का माना जाता है. इस रंग के कपड़े पहनने से कुंडली में बुध को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. सावन के महीने में हरियाली तीज पर हरा रंग पहनने से बुध ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जिससे हमारी बुद्धिमत्ता और मानसिक स्थिरता में वृद्धि होती है. ऐसी मान्यता है कि हरियाली तीन के दिन अगर महिलाएं हरे रंग की कांच की चूडि़यां पहनती हैं तो इससे उनके पतियों की उम्र लंबी होती है.







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