HEALTH NEWS: रोज़ाना नंगे पैर चलने से मिलते हैं चमत्कारी फायदे, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताए ज़रूरी टिप्स
नई दिल्ली। रोज़ाना कुछ देर टहलना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नंगे पैर चलना आयुर्वेद में एक बेहतरीन हेल्थ प्रैक्टिस मानी गई है? आयुर्वेदिक एक्सपर्ट और एमडी (आयुर्वेद) डॉ. मनीषा मिश्रा ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम वीडियो में नंगे पैर चलने के चमत्कारी लाभ बताए हैं।
नंगे पैर चलने के फायदे
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तीनों दोष का संतुलन: वायु, पित्त और कफ संतुलित रहते हैं।
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पैर और शरीर की मजबूती: पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और पोस्चर सुधरता है।
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दर्द से राहत: एड़ी दर्द और पैरों की सूजन में प्राकृतिक राहत।
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बेहतर नींद: नसों पर हल्का दबाव पड़ने से मन शांत होता है और नींद गहरी आती है।
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इम्यूनिटी और एनर्जी: मिट्टी या घास पर चलने से शरीर की नेगेटिव एनर्जी डिस्चार्ज होती है।
कितना और कब चलें?
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रोज़ाना 10 से 15 मिनट घास, मिट्टी या रेत पर चलें।
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सुबह और शाम का समय सबसे अच्छा है।
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कंक्रीट या सीमेंटेड जगह पर नंगे पैर चलने से बचें।
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आयुर्वेद के अनुसार, बसंत ऋतु (फरवरी–अप्रैल) में इसका असर और भी बेहतर होता है।
आयुर्वेद कहता है कि छोटी-सी आदत भी बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर करने में मदद कर सकती है। ऐसे में रोज़ाना नंगे पैर चलने की आदत अपनाकर आप शरीर और मन, दोनों को रिफ्रेश कर सकते हैं।







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