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नहीं थम रहा हिजाब विवाद, स्कूल ने 58 छात्राओं को कर दिया निलंबित, 10 के खिलाफ एफआईआर

नहीं थम रहा हिजाब विवाद, स्कूल ने 58 छात्राओं को कर दिया निलंबित, 10 के खिलाफ एफआईआर
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बेंगलुरु : कर्नाटक में हिजाब को लेकर जारी विवादों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शिवमोग्गा जिले में हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के बाद कर्नाटक के एक स्कूल के 58 छात्राओं को निलंबित कर दिया गया है। छात्राओं की मांग थी कि कक्षा के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा, हिजाब हमारा अधिकार है, हम मर जाएंगे लेकिन हिजाब नहीं छोड़ेंगे।

जब तक निलंबन वापस नहीं लिया जाता, छात्राओं को स्कूल परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। इस बीच, अन्य प्रदर्शनकारियों पर भी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पिछले तीन दिनों से पुलिस व तहसीलदार छात्रों को नियमों की जानकारी दे रहे हैं।

इस बीच खबर मिली है कि पुलिस ने तुमकुर में धारा 144 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में 10 लड़कियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि छात्राएं तुमकुर में गर्ल्स एम्प्रेस गवर्नमेंट पीयू कॉलेज के बाहर हिजाब प्रतिबंध का विरोध कर रहीं थीं। उनपर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि लड़कियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 143, 145, 188 और 149 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

तुमकुरु में एक निजी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में एक गेस्ट लेक्चरर ने कथित तौर पर हिजाब नहीं पहनने या कोई धार्मिक प्रतीक प्रदर्शित नहीं करने देने के लिए कहने के बाद इस्तीफा दे दिया।

हालांकि कॉलेज प्रबंधन ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है। पिछले तीन वर्षों से अंग्रेजी पढ़ाने वाली चांदिनी ने कहा कि प्रिंसिपल ने उन्हें बुलाया और कहा कि उन्हें आदेश मिला है कि कोई भी हिजाब पहनकर क्लास नहीं करेगा।
कर्नाटक सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया कि हिजाब इस्लाम की एक आवश्यक धार्मिक प्रथा नहीं है और इसके उपयोग को रोकना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन नहीं है।

एडवोकेट नवदगी ने कहा, मेरा पहला निवेदन यह है कि आदेश शिक्षा अधिनियम के अनुरूप है। दूसरा यह कि हिजाब पहनना इस्लाम के आवश्यक धार्मिक प्रथा के अंतर्गत नहीं आता है। इस्लाम।

कर्नाटक में शैक्षणिक संस्थान, विशेष रूप से स्कूल और कॉलेजों में हिजाब को लेकर तनावपूर्ण स्थिति देखी जा सकती है। यहा विवाद उडुपी के एक सरकारी कॉलेज से शुरू हुआ था। मुस्लिम लड़कियों ने जोर देकर कहा कि उन्हें हिजाब पहनने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि यह उनका धार्मिक अधिकार था।

 


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