पीएससी - जीरो ईयर मामले में कांग्रेस ने कहा- पूर्व भाजपा शासन में 4 वर्ष जीरो ईयर था, जाने पूरी खबर
कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में कमीशनखोरी और पीएससी घोटालों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह द्वारा भूपेश सरकार पर पीएससी की परीक्षा नहीं कराने के आरोप को तथ्यहीन और तर्कहीन बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में चार वर्ष था जीरो ईयर।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीएससी में जीरो वर्ष ना हो इसके लिये सभी अफसरों को निर्देशित किया है। पीएससी के अभ्यर्थियों के साथ अब न्याय होगा। उन्होंने कहा कि अन्याय तो पूर्व रमन सरकार के दौरान हुआ था। उन्होंने डॉ. सिंह से सवाल किया है कि 2003 के पीएससी विवाद के बाद 2007 तक राज्य में किसी भी प्रकार की परीक्षायें क्यों नहीं ली गयी? चार सालों में परीक्षा नहीं होने से प्रतियोगी परीक्षा के कई उम्मीदवार उम्र सीमा अधिक होने के कारण परीक्षा से वंचित हो गये। यहां तक पीएससी के अनियमितता को लेकर आंदोलनरत कार्यकर्ताओं के ऊपर भाजपा सरकार ने लाठीचार्ज कराया था और आपराधिक प्रकरण दर्ज कराये थे।
श्री त्रिवेदी ने कहा है कि 2003 के पीएससी घोटाले में तो रमन सिंह और उनके मंत्रियों की संलिप्तता का आरोप भी लगा था, जिसकी शिकायत राज्यपाल और न्यायालय में भी की गयी थी।







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