राज्योत्सव में संस्कृति विभाग का नया कारनामा अपनी संस्कृति को छोड़ पाश्चात्य संस्कृति अपनाई
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस राज्योत्सव का मुख्य थीम छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं यहां के रीति-रिवाजों को लेकर है लेकिन ठीक इसके विपरीत संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने अपने अधिकारियों को एक जैसा सूट बूट पहनाकर छत्तीसगढ़ी संस्कृति से अलग कार्य करने की कोशिश की है

[एक जैसे परिधान में मंच पर नजर आये संस्कृति विभाग के अधिकारी ]
माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी छत्तीसगढ़िहा वाद को बढ़ावा देने तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति को आगे ले जाने के प्रयासों को संस्कृति विभाग पूरी तरीके से पानी फेरने का काम कर रही है
सूत्रों के मुताबिक ऐसा पहली बार हुआ है कि संस्कृति विभाग अपने अधिकारियों के लिए एक विशेष तरीके का ड्रेस कोड राज्योत्सव के दौरान लागू किया है इस ड्रेस कोड में उन्हें छत्तीसगढ़िया संस्कृति को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ परिधानों को बढ़ावा देना चाहिए था ऐसा ना करते हुए उन्होंने पाश्चात्य सभ्यता के हिसाब से अपने परिधान बनवाए हैं यहाँ यह जानना भी लाजिमी होगा की इस पर होने वाले व्यय किस मद से किये गए है क्या यह फिजुल खर्ची नहीं है







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