अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में नवपप्रवेशित छात्र छात्राओं का दीक्षारंभ कार्यक्रम हुआ संपन्न
रायपुर. अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती में आज दीक्षारम्भ समारोह का आयोजन किया गया. इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे. वहीँ छत्तीसगढ़ी अग्रवाल समाज के केंद्रीय अध्यक्ष तथा महाविद्यालय के तकनीकी सलाहकार अनुराग अग्रवाल के कार्यक्रम कि अध्यक्षता की एवं पुरानी बस्ती वार्ड के पार्षद एवं एम् आई सी सदस्य श्री जितेन्द्र अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के डायरेक्टर डा वी.के. अग्रवाल , महाराजाधिराज अग्रसेन शिक्षण समिति के सचिव और महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डा अमित अग्रवाल और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ युलेन्द्र कुमार राजपूत भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
जुलाई माह से स्कूल कॉलेज खुलने के साथ ही छात्र छात्राओं का आना शुरू हो गया है..प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी नवप्रवेशित छात्र छात्राओं का स्वागत कार्यक्रम दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा ने आशीर्वचन में छात्रों को जीवन के लक्ष्य और शिक्षा और दीक्षा के बारे में बताया . स्कूल से निकल कर आए नवप्रवेशित छात्र छात्राओं के प्रवेश पर महाविद्यालय के प्राचार्य और प्राध्यापकों शुभकामनाएं दी और जीवन में हर व्यक्ति का कोई न कोई लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य प्राप्ति के अच्छी शिक्षा और दीक्षा एक अच्छे शिक्षक के अलावा कोई नहीं दे सकता। भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए शिक्षक हमेशा है समय समय पर मार्गदर्शन है। छात्रों को अच्छे भविष्य की कामना करते हुए महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं से अवगत कराया साथ कराया और बताया की महाविद्यालय में शिक्षा के साथ अन्य विधाएँ जैसे संगीत और कला की शिक्षा भी दी जाती है।
अग्रवाल समाज सदैव सेवाभाव से शिक्षा और अन्य सामाजिक कार्य में जुड़ा रहा है ... इस कार्यक्रम में उपस्थित अग्रवाल समाज के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल ने नई शिक्षा और पुरानी शिक्षा के बारे में बताया और कहा कि 1835 को शिक्षा पद्धति में केवल पढ़ाई को केवल नौकरी पाने का नजरिया मान कर किया जाता था किंतु आज की शिक्षा पद्धति के बदलते स्वरूप में न केवल मनुष्य शिक्षा प्राप्त करते है अपितु अपने जीवन में वह अच्छा मनुष्य कैसे बन सकता है और कैसे अपने जीवन के लक्ष्य को शिक्षा के माध्यम से प्राप्त कर सकता है.. शिक्षा के नए सत्र की शुभकामनाएं छात्रों और प्रधापकों को दिया।
पुरानी बस्ती पार्षद महोदय जितेंद्र अग्रवाल ने अपने जीवन के अनुभव को छात्रों के बीच बाटा और बताया की जीवन में पढ़ने और आगे बढ़ने की चाह हर किसी की होती है से अपने हर लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। दिक्षारम्भ में आगे जानकारी के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य ने कहा की छात्रों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर महाविद्यालय मदद के लिए सदैव अग्रसर रहता है।
कार्यक्रम में शामिल अग्रसेन महाविद्यालय के डायरेक्टर वी के अग्रवाल ने सबसे पहले रोचक पंक्तियों से शुरुवात की और छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा की सीखने की चाह व्यक्ति को कभी खत्म नहीं करना चाहिए। सिखने की छह मनुष्य को जीवन में ऊँचा उठने और जीवन के लक्ष्यों में मदद करता है। लगातार अभ्यास और प्रयास से ही छात्र अपने जीवन को सवार सकता है| डायरेक्टर ने कहानियों के जरिए छात्रों को जीवन बढ़ने के सूत्र बताये। शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का प्रथम अधिकार है और उसके लिए हर व्यक्ति को जागरूक रहने की आवश्यकता है। शिक्षा आज मनुष्य की प्रथम आवश्यकता है
दिक्षारम्भ का कार्यक्रम राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित छात्रों के लिए आयोजित किया गया इस कार्यक्रम सत्र में महाविद्यालय में संचालित नये पाठय्क्रमों के बारे में बताया तकनिकी सत्र का संचालन डॉ. डॉली पांडेय द्वारा किया गया जिसमे उन्होंने महाविद्यालय की संरचना और गतिविधियों की जानकारी प्रदान की उसके बाद डॉ शोभा अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा निति के तहत इस वर्ष के पाठ्यक्रम से छात्रो को अवगत कराया. तकनिकी सत्र के अंत आभार प्रदर्शन में महाविद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर डॉ अमित अग्रवाल ने सभी छात्रों को शुभकामनाये दी राष्ट्रीय शिक्षा निति के तहत महविद्यालय का एम्बेस्डर बी सी ए की छात्र पंकज कुमार और बी कॉम की छात्रा वैशाली को बनाया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ आकांक्षा दुबे ने किया|







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