BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

आयकर विभाग ने मारा छापा, 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति का हुआ खुलासा

आयकर विभाग ने मारा छापा, 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति का हुआ खुलासा
Share

नई दिल्ली: आयकर (आईटी) विभाग ने रसायनों के निर्माण और रियल एस्टेट विकास में लगे एक प्रमुख समूह के गुजरात और सिलवासा में फैले 20 से अधिक परिसरों पर छापेमारी कर 100 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय का खुलासा किया है।


आयकर विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि विभाग ने 18 नवंबर 2021 को रसायनों के निर्माण और अचल संपत्ति के विकास में लगे एक प्रमुख समूह के परिसरों में तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है। इस अभियान में गुजरात के वापी और सरिगम, सिलवासा और मुंबई में फैले 20 से अधिक परिसरों की जांच की गई।


तलाशी अभियान में करीब 2.5 करोड़ रुपये की बिना हिसाब किताब वाली नकदी और एक करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण भी बरामद हुए हैं। 16 बैंक लॉकरों पर रोक लगा दी गई है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के प्रारंभिक विश्लेषण से संकेत मिलता है कि अघोषित आय का अनुमान 100 करोड़ रुपये से भी अधिक होने की संभावना है। इस मामले में आगे की जांच प्रगति पर है।


कार्रवाई के दौरान समूह द्वारा अर्जित की गई बड़ी बेहिसाब आय और संपत्ति में उसके निवेश को दर्शाने वाले दस्तावेजों, डायरी और डिजिटल डेटा के रूप में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक साक्ष्य पाए गए हैं और उन्हें जब्त कर लिया गया है। मिले साक्ष्य स्पष्ट रूप से विभिन्न तरीकों को अपनाकर कर योग्य आय की चोरी का संकेत देते हैं जैसे कि उत्पादन कम दिखाया जाना, खरीद को बढ़ाने के लिए माल की वास्तविक डिलीवरी के बिना फर्जी खरीद चालान का उपयोग, फर्जी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ऋण का लाभ लेना, फर्जी कमीशन खर्च का दावा करना इत्यादि। इस समूह को अचल संपत्ति लेनदेन में भी धन प्राप्त हुआ है। इस दौरान, अचल संपत्तियों में निवेश में नकद लेनदेन और नकद ऋण के बारे में कई आपत्तिजनक सबूत भी जब्त किए गए हैं।


Share

Leave a Reply