करंट लगने से मासूम बच्चे की मौत, यहाँ जानिए विस्तार से
जयपुर: राजस्थान के जयपुर से दिल-देहला देने वाली खबर सामने आ रही है, ग्रेटर नगर निगम पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगा है. बुधवार रात एक घर का चिराग बुझ गया. पार्क में खुले पड़े बिजली के तार में दौड़ रहे करंट के लगने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई. हादसे के बाद से अब सवाल ये उठ रहे है कि आखिर क्यों न दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए. दरअसल, जयपुर के मानसरोवर इलाके में वरुण पथ स्थित एक पार्क में बुधवार रात ये हादसा हुआ. जहां पर बिजली के पोल के खुले तारों में आ रहे करंट से 10 साल के गौरव केसवानी की मौत हो गई.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह बिजली के तार बीते कई दिनों से खुले पड़े हैं और इनमें करंट आता है. स्थानीय पार्षद से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक को कई बार सूचना देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
पहले पति और अब बेटे की मौत
बताया जा रहा है कि मृतक गौरव के पिता कि 3 साल पहले ही मौत हुई है. तो वहीं अब बेटे की मौत से उसकी मां का बुरा हाल हो चुका है. गौरव के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिजन जयपुरिया अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बैठे नजर आए. करीबी रिश्तेदार गौरव की मां को ढांढस बंधाते दिखे. मृतक गौरव के परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए हत्या का मुकदमा चलाये जाने की मांग की|
घटना के बाद विधायक ने दिया ज्ञापन
करंट से बच्चे की मौत मामले में विधायक अशोक लाहोटी ने ग्रेटर नगर निगम पहुंचकर ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उन्होंने 5 लाख रूपये का मुआवजा परिजनों को देने, दोषियों के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने और लाइट लगाने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की मांग की. हालांकि, क्षेत्रीय पार्षद के सूचना के बाद भी काम न करने के सवाल को वे टाल गए. जब उनसे पूछा गया कि दोषियों के खिलाफ क्या हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए तो उन्होंने इस पर सहमति जताई|
हत्या के मुकदमे पर पुलिस का तर्क
मानसरोवर थाना के एएसआई भगवान सहाय से जब पूछा गया कि क्या दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है, तो उनका कहना है पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी|
जिम्मेदारों के तर्क
इस पूरे मामले में ग्रेटर नगर निगम के आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव का कहना है कि मामले की जांच करवाई जा रही है. लाइट रखरखाव का जिम्मा आरसी एंटरप्राइजेज के पास था. जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी. मुआवजे का प्रावधान निगम में नही है, इसलिए जिला कलेक्टर से बातचीत की है. तो वहीं निगम के कार्यवाहन मेयर शील धाभाई का कहना है कि घटना बेहद अफसोसजनक है. दोषियों पर कार्रवाई होगी. बच्चे के परिजनों से मुलाकात की जाएगी|







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