BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, कहा- शिवसेना को नहीं दें समर्थन

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोनिया गांधी को लिखी चिट्ठी, कहा- शिवसेना को नहीं दें समर्थन
Share

महाराष्ट्र में सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है. अभी-अभी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष शरद पवार सोनिया गांधी से मिलने 10 जनपथ पहुंचे हैं. जहां शिवसेना को सर्मथन देने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी. इस बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर शिवसेना को समर्थन नहीं देने की अपील की है.

जमीयत के प्रमुख अरशद मदनी ने सोनिया गांधी को संबोधित अपनी चिट्ठी में कहा है, ''मैं महाराष्ट्र की गंदी राजनीति की तरफ आपका ध्यान ले जाना चाहता हूं और यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा कि आप शिवसेना को समर्थन देंगे. यह कांग्रेस पार्टी के लिए खतरनाक और नुकसानदेह होगा. मुझे उम्मीद है कि मेरी सलाह को अच्छी भावना में लेंगी.''

 

 

 

 

 बता दें कि महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को चुनाव नतीजों की घोषणा की गई थी लेकिन किभी भी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने की वजह से अब तक सरकार गठन को लेकर संशन बरकरार है. महाराष्ट्र में विधानसभा की 288 सीटें हैं और बहुमत के लिये जरूरी आंकड़ा 145 विधायकों का है.

बीजेपी ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा आसानी से हासिल कर लिया था लेकिन मुख्यमंत्री पद पर साझेदारी को लेकर दोनों में सहमति नहीं बनी और सरकार भी नहीं बन पाई. कांग्रेस और एनसीपी के बीच भी चुनाव पूर्व गठबंधन था. कांग्रेस ने 44 और एनसीपी ने 54 सीटें जीती है.

शिवसेना अब कांग्रेस-एनसीपी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है. इस संबंध में तीनों दलों ने कई दौर की बैठकें की है और सरकार चलाने के लिए कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तैयार किया है. सरकार गठन के सिलसिले में ही शरद पवार आज सोनिया गांधी से मुलाकात कर रहे हैं.

 


Share

Leave a Reply