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कांवड़ यात्रा प्रतिबंध : यात्रा को लेकर डीजीपी ने की आठ राज्यों के अधिकारियों संग बैठक

 कांवड़ यात्रा प्रतिबंध : यात्रा को लेकर डीजीपी ने की आठ राज्यों के अधिकारियों संग बैठक
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कोरोना वायरस के कारण तमाम तरह के प्रतिबंध अभी भी लागू हैं. संक्रमण न बढ़े इस वजह से इस साल भी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) नहीं होगी. उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रियों के आने पर रोक लगा दी है. उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने पंजाब, यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश समेत आठ राज्यों के पुलिस अधिकारियों संग मीटिंग की. इसके साथ ही उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अनुरोध किया है कि वह कांवड़ लेकर हरिद्वार समेत उत्तराखंड के किसी भी शहर में न आएं.

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि 2020 में कोरोना के कारण कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था. इस साल भी कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा है. उन्होंने कहा कि सावन शुरू होते ही यूपी-उत्तराखंड की सीमा सील कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ से सबक लेते हुए कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध का फैसला किया गया है.

दर्ज किया जाएगा मुकदमा
डीजीपी ने आगे कहा कि जो भी इस प्रतिबंध के दौरान हरिद्वार कांवड़ लेकर आएगा उन श्रद्धालुओं पर महामारी एक्ट में केस दर्ज होगा. आपको बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हरिद्वार का कुंभ चल रहा था. इस दौरान रियायतें दी गईं, जिसके चलते उत्तराखंड सरकार की किरकिरी हुई. कांवड़ यात्रा के चलते सरकार फिर से सबकुछ दोहराना नहीं चाहती है, जिसके कारण कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है.

आस-पास के मंदिरों में चढ़ाएं जल
प्रतिबंधों की घोषणा के साथ ही डीजीपी ने सभी शिवभक्तों से अपील की है कि वह आसपास के शिव मंदिरों में जल चढ़ाएं. उन्होंने कहा संक्रमण के इस दौर में अपना और अपनों की सुरक्षा पर ध्यान दें. हर साल सावन के महीने में शिवभक्त बड़ी तादाद में देश के कोने-कोने से उत्तराखंड पहुंचते हैं. यहां वह गोमुख, देवप्रयाग, ऋषिकेश और हरिद्वार से गंगा जल भरते हैं और शिवरात्रि के दिन इस गंगाजल को भगवान शंकर पर चढ़ाते हैं.

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