BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

भूमिहीन किसान भी कर सकते हैं लाखों की कमाई, इसकी खेती पर मिलेगा 90% सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन

भूमिहीन किसान भी कर सकते हैं लाखों की कमाई, इसकी खेती पर मिलेगा 90% सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन
Share

केंद्र और राज्य सरकारें लगातार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए नई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार ने किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई नई योजनाओं की शुरुआत की है।

फूल उत्पादक किसानों का शैक्षणिक परिभ्रमण

बिहार के कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने 15 जिलों के 40 फूल उत्पादक किसानों को पटना स्थित कृषि भवन से पश्चिम बंगाल के मेदनीपुर भेजने की पहल की। यह शैक्षणिक दौरा किसानों को फूलों की खेती में आधुनिक तकनीकों और विधियों की जानकारी देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।

यह कार्यक्रम मुख्य रूप से गेंदा फूल की खेती पर केंद्रित है, जो इन जिलों में बड़े पैमाने पर की जाती है। मेदनीपुर में किसान फूलों की खेती में उपयोग होने वाली उन्नत विधियों और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। कृषि मंत्री ने कहा कि इस पहल से राज्य में फूलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसान अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे।

मशरूम किट वितरण योजना की शुरुआत

इस कार्यक्रम के तहत पटना जिले में मशरूम किट वितरण योजना का शुभारंभ भी किया गया। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8 लाख मशरूम किट वितरित करने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के लिए 440 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

मशरूम किट पर किसानों को 90% तक सहायतानुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, झोपड़ी में मशरूम उत्पादन और वातानुकूलित मशरूम इकाइयों की योजनाओं के तहत किसानों को 50% तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इन योजनाओं के तहत 38 जिलों में 800 झोपड़ियों का निर्माण और वातानुकूलित मशरूम उत्पादन के लिए 20 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किसानों को उन्नत तकनीक से जोड़ने की पहल

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों को शेडनेट में फूलों की खेती के लिए विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत किसानों को फूलों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य: किसानों की आय में वृद्धि

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय में वृद्धि करना है। कृषि मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से राज्य के किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों और उपकरणों से जोड़ा जा रहा है। इससे न केवल उनकी उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार मूल्य भी मिलेगा।

कार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति

इस अवसर पर कृषि सचिव संजय कुमार अग्रवाल, बिहार राज्य बीज निगम के एम.डी. डॉ. आलोक रंजन घोष, कृषि निदेशक नितिन कुमार सिंह, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार, और बामेती के निदेशक धनंजय पति त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनका लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने और उन्हें आधुनिक खेती की ओर प्रेरित करने के लिए बिहार सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम अत्यंत सराहनीय हैं। फूलों और मशरूम की खेती में किसानों की रुचि बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऐसी योजनाएं मील का पत्थर साबित होंगी। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में समृद्धि भी आएगी।


Share

Leave a Reply