पैंगॉन्ग झील में बड़ी संख्या में दिखी चीनी सेना,सैटेलाइट इमेज से हुआ खुलासा
वाशिंगटन, अमेरिका चीन से भारत, मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलिपींस जैसे एशियाई देशों के समक्ष उत्पन्न खतरे को देखते हुए और उसका उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए अपनी सेना की वैश्विक तैनाती की समीक्षा कर रहा है। यह बातें अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने गुरुवार को जर्मन मार्शल फंड के वर्चुअल ब्रसेल्स फोरम 2020 के दौरान एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करने जा रहे है कि हम चीन की सेना का उचित तरीके से मुकाबला करने के लिए तैयार है। उधर, एक प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ने दावा किया है कि गलवान घाटी के बाद चीनी सेना ने पैंगॉन्ग झील के इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है। अपने दावे में प्लेनेट लैब की सैटेलाइट इमेज का हवाला देते हुए कहा गया है कि फिंगर-4 और फिंगर-5 के बीच चीनी सेना ने अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। भारत द्वारा चीनी सेना को फिंगर-4 से फिंगर-8 को खाली करके पीछे जाने की बार-बार बात कही जा रही है, लेकिन चीनी सेना अपनी तैनाती बढ़ाती जा रही है। चिंता की बात ये है कि पैंगोंग लेक के पास मौजूदगी के साथ-साथ कुछ दूर पीछे चीन बैकअप भी तैयार कर रहा है। सैटेलाइट इमेज में यहां सैटेलाइट इमेज में भी भारतीय सेना के टैंट बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं।
चीन की मिलिट्री जिस दुस्साहस से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है, उससे उसके आत्मविश्वास और क्षमता का अंदाजा तो मिल ही रहा है, साथ ही यह इशारा भी मिल रहा है कि कोरोना की महामारी को लेकर अमेरिका और हॉन्ग-कॉन्ग जैसे मुद्दों पर उसके प्रभुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर दुनिया के आमने-सामने आने को तैयार है। चीन ने दावा किया है कि उसके हालिया ऑपरेशन बचाव की नीति हैं लेकिन हर ऑपरेशन के साथ सैन्य टकराव की आशंका भी बढ़ जाती है। 15 जून की रात भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प को इसका ही नमूना माना जा रहा है। 1967 से बाद से इसे सबसे भयानक घटना माना जा रहा है।







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