कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत 12 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री को लिखा संयुक्त पत्र, पढ़े पूरी खबर
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत 12 दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखते हुए उनके नि:शुल्क व्यापक कोविड रोधी टीकाकरण करने और सेंट्रल विस्टा परियोजना के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की. इसके साथ ही, उनसे वैक्सीन संकट खत्म करने की दिशा में कदम उठाने को कहा. बुधवार को विपक्षी दलों की तरफ से लिखे गए पत्र में यह कहा गया कि सभी उपलब्ध स्त्रोतों (वैश्विक और घरेलू) से वैक्सीन की खरीद करें. इसके साथ ही, घरेलू वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य लाइसेंस की व्यवस्था को खत्म करें.
वैक्सीन के लिए हो 35 हजार करोड़ का इस्तेमाल
विपक्षी दलों की तरफ से लिखे गए इस पत्र में प्रधानमंत्री मोदी से यह कहा गया- "बजट में आवंटित 35,000 करोड़ का इस्तेमाल वैक्सीन के लिए केन्द्र सरकार करे. देशभर में तुरंत एक नि:शुल्क, सार्वभौमिक सामूहिक वैक्सीनेशन अभियान भी केन्द्र सरकार की तरफ से शुरू किया जाए. इसके साथ ही, ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन, ऑक्सीजन और मेडिकल उपकरणों की खरीद के लिए प्राइवेट ट्रस्ट फंड की बेनामी संपत्तियों और पीएम केयर्स फंड के पैसे जारी किए जाएं."
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को रोके सरकार
विपक्षी दलों ने पत्र में आगे लिखा है कि सेंट्रल विस्टा के निर्माण कार्य को रोका जाए. इसकी जगह पर उन आवंटित पैसों को ऑक्सीजन और वैक्सीन की खरीद के लिए खर्च किया जाए. पत्र में विपक्षी दलों ने कहा- लाखों ‘अन्नदाताओं’ को महामारी की चपेट में आने से बचाने के लिए नए कृषि कानूनों को निरस्त कीजिए. सभी बेरोजगार लोगों को 6 हजार रुपये प्रति महीने दीजिए, जरूरतमंदों को नि:शुल्क अनाज उपलब्ध कराएं.
विपक्षी दलों के जिन नेताओं ने पीएम मोदी को पत्र लिखा उनमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, एचडी देवगौड़ा, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, जेएमएम चीफ हेमंत सोरेन, फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, डी. राजा और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी शामिल हैं.







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