LOCKDOWN 2022 : संयुक्त राष्ट्र ने चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट जारी की , दूसरी लहर जैसे बन रहे हालात , देश में लोंकडाउन जैसे हालात
नई दिल्ली : भारत सहित विश्व के कई देशों में कोरोना की रफ़्तार तेज हो गई है. पुरे देश भर में प्रतिदिन रिकॉर्ड की संख्या में कोरोना से संकर्मित मरीज मिल रहे है. कोरोना के नये वैरियट ओमिक्रोंन की पुष्टि देश के कई राज्यों में हो चुकी है.देश में इसे ही कोरोना की तीसरी लहर बताया जा रहा है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र ने चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट जारी की है।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अप्रैल और जून 2021 के बीच कोरोना के डेल्टा स्वरूप की घातक लहर में 2.40 लाख लोगों की मौत हो गई थी और आर्थिक सुधार बाधित हुआ था। निकट समय में फिर इसी तरह के हालात पैदा हो सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक स्थिति एवं संभावनाएं (डब्ल्यूईएसपी) 2022 रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोरोना के अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रोन स्वरूप के संक्रमण की नई लहरों के कारण मृतकों की संख्या और आर्थिक नुकसान में फिर से वृद्धि होने का अनुमान है।
संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग के अवर महासचिव लियु जेनमिन ने कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने के लिए एक समन्वित और निरंतर वैश्विक दृष्टिकोण के बिना यह महामारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के समावेशी और स्थायी उभार के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी रहेगी।
महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हैं जहां तेजी से केस सामने आ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यहां सख्ती न बतरी गई तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। ऐसे में इन राज्यों में लॉकडाउन की आशंका पैदा हो गई है।







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