विज्ञापनी दवाओं का बाजार मरीजों को कर रहा गुमराह, जिम्मेदार नहीं कर रहे कार्रवाई
घातक बीमारियों की दवा कोई साइड इफेक्ट नहीं कहकर बेची जा रही है, ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल लगे प्रतिबंध
रायपुर। विभिन्न बीमारियों के लिए आसान इलाज के नाम पर कुछ दवा कंपनियों द्वारा घटिया स्तर की दवाओं का व्यापक मात्रा में सोशल मीडिया टीवी आदि के माध्यम से प्रचार कर गंभीर व्याधि से ग्रस्त मरीजों को ऑनलाइन दवा मंगाने के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश चंद्र मिश्रा ने आरएनएस प्रतिनिधि को जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर तत्काल प्रभाव से छापा मारी कर उक्त दवाओं को प्रतिबंधित करने की मांग की है। ज्ञातव्य है कि किडनी हार्ट लीवर, कैंसर एवं यौन रोगों से संबंधित दवाओं को प्राकृतिक दवा कोई साइड इफेक्ट नहीं बताकर ऑनलाइन एवं टीवी विज्ञापन के जरिए मनमाने दामों पर बेचा जा रहा है जिसके चलते आए दिन मरीजों की जान संकट में पड़ जाती है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि वे हाउसिंग बोर्ड कालोनी टाटीबंध के निवासी है।
विगत रविवार को उनके आवास में ऐसे ही एक मरीज दंपत्ति का आना हुआ जिन्होंने ऑनलाइन दवा मंगाकर हार्ट एवं किडनी से संबंधित बीमारी से मुक्ति पाने के लिए दवा का सेवन किया था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने उक्त हीरापुर निवासी मरीज दंपत्ति को तत्काल एम्स हास्पिटल रिफर किया। इसी तरह शहर के अन्य क्षेत्रों में भी टीवी में विज्ञापन देखकर दवा लेेने वालों को डॉक्टर चंद्रमणी तिवारी,डॉ. संगीता तिवारी, डॉ. संगीता नागराज, डॉ. अशोक गुप्ता ने डॉक्टरों को बिना दिखाए मनमाने तरीके से दवा का इस्तेमाल न करने की सलाह आरएनएस प्रतिनिधि के माध्यम से दी है। साथ ही डॉ. योगेश चंद्र मिश्रा ने भी ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष से बिना डॉक्टर की पर्ची देखे दवा दुकानदारों से घातक बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं बिक्री न करने के लिए रिटेलर मेडिकल स्टोर के संचालकों को तत्काल निर्देश देने की मांग की है।







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