BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

एक करोड़ का लोन लेकर की शादी, नहीं जमा कर सके पैसे, अब सलाखों के पीछे, समझिये क्या है मामला

एक करोड़ का लोन लेकर की शादी, नहीं जमा कर सके पैसे, अब सलाखों के पीछे, समझिये क्या है मामला
Share

 बिलासपुर। तारबाहर के लिंक रोड स्थित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के कर्मचारी के साथ मिलकर छह लोगों ने फर्जी दस्तावेज जमा कर एक करोड़ रुपये लोन निकलवा लिया। इस पैसे से दो युवकों ने धूमधाम से अपना विवाह किया। जबकि सिर्फ 13 लाख रुपये किस्त जमा की। बैंक प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक आरोपित बैंककर्मी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली है। अन्य आरोपित फरार हैं। पुलिस को गिरफ्तार आरोपित के कब्जे रकम नहीं मिली है। दोनों आरोपित को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

एक साल पहले पेंड्रा की पुराना बस्ती तेंदूपारा के रहने वाले अजय रजक(33) और बलौदा बाजार जिले के ग्राम धनेली साहूपारा के रहने वाला राकेश श्रीवास्तव(33) ने छह अन्य दोस्तों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। एक बैंककर्मी प्रफुल्ल कुमार बापट के सहयोग से लिंक रोड स्थित छत्तीगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में लोन के लिए आवेदन किया। बैंककर्मी प्रफुल्ल ने एक करोड़ रुपये लोन पास करवाया। उस पैसे को बैंककर्मी समेत सातों ने आपस में बांट लिए। बैंक को 13 लाख 50 हजार रुपये देने के बाद किस्त जमा करना बंद दिया।

बैंक प्रबंधन ने शेष रकम के लिए लोन लेने वाले लोगों से संपर्क किया। तब सभी का मोबाइल नंबर बंद मिला। इसके बाद बैंक में जमा दस्तावेज पर दिए पते पर स्टाफ जांच करने पहुंचा। पता चला कि उस नाम के कोई भी व्यक्ति नहीं है। इसके बाद बैंक मैनेजर अंकिता दुबे ने तारबाहर थाना में शिकायत की। शनिवार को पुलिस की टीम ने दबिश देकर अजय और राकेश श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपित युवकों ने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपित राकेश और अजय ने बताया कि लोन के पैसे को सात दोस्तों ने आपस में बांट लिया था। अपने हिस्से के पैसे से दोनों ने शादी की। शेष स्र्पये को घरेलू कार्य में खर्च कर दिए।

रेलवे अधिकारी बताकर लोन लिया

पुलिस ने बताया कि आरोपित राकेश ने खुद को रेलवे अधिकारी और अजय ने निजी कंपनी का कर्मचारी बताया था। अन्य साथियों ने भी सरकारी कर्मचारी होने के नियुक्ति प्रमाण पत्र बैंक में जमा किया था। सभी अलग-अलग जिले के रहने वाले हैं। लेकिन अपना पता बिलासपुर का दिए गया था। आरोपित बैंक कर्मी ने लोन निकलवाने में सहयोग किया।

चार लाख परिचित के पास रखवाए

आरोपित अजय ने बताया कि करीब चार लाख रुपये को अपने परिचित के पास रखवाया था। लेकिन उसने स्र्पये नहीं लौटाए। अब पुलिस उस युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। फरार अन्य आरोपितों की भी खोजबीन की जा रही है। पुलिस टीम अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही है।


Share

Leave a Reply