कैबिनेट की बैठक में सीएए-2019 को लेकर सदस्यों ने दिखाई नाराजगी, जाने पूरी खबर
रायपुर | भूपेश बघेल मंत्रिमंडल की आज हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल की बैठक में सीएए के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं धान खरीदी का लक्ष्य 85 हजार मीट्रिक टन को प्राप्त करने हर संभव कोशिश किए जाने की बात पर सहमति बनी।
मंत्रिपरिषद की आज संपन्न हुई बैठक में सीएए-2019 को लेकर राज्य की कांग्रेस सरकार ने एतराज जताया है। बताया जाता है कि कैबिनेट की बैठक में इसके लिए एक प्रस्ताव पारित किया गया है तथा मुख्यमंत्री की ओर से इस कानून को वापस लिए जाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा जाएगा।
बैठक में बताया गया कि राज्य में 29 जनवरी तक 63.50 मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है और किसानों को 11 हजार करोड़ रुपये जारी किया जा चुका है। राज्य सरकार को भरोसा है कि लक्ष्य के अनुसार 85 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी कर ली जाएगी। इसके अलावा सहकारी सोसायटी एक्ट में संशोधन के निर्णय पर कैबिनेट नें मंजूरी दी है। सहकारी सोसायटी में निजी भागीदारी का भी निर्णय लिया गया है, हालांकि इसे लेकर सरकार से रजामंदी लेनी जरूरी होगी। इधर छत्तीसगढ़ खेल प्राधिकरण की पहली बैठक भी आज संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्राधिकरण के सदस्य की नियुक्ति के लिए अधिकृत किया गया है। खेल अकादमी के लिए उद्योग व अन्य संगठनों का साथ लेकर पीपीपी मॉडल पर इसे विकसित करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट बैठक के प्रमुख बिंदु जिन पर चर्चा हुई :
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सी.ए.ए.) में किए गए संशोधन को आम जनता में देखे जा रहे विरोध के दृष्टिगत, वापस लिए जाने का अनुरोध भारत सरकार से करने का निर्णय लिया गया।
छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत ''कोई भी सोसायटी, किसी भी सरकार के उपक्रम सहकारी सोसायटी या राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित किसी उपक्रम या निजी उपक्रम के साथ, किसी विशेष कारबार के लिए जिसमें औद्योगिक विनिधान, वित्तीय सहायता या विपणन और प्रबंधन विशेषज्ञता शामिल है, सहयोग कर सकेगी। कोई भी सहकारी सोसाइटी साधारण सभा के उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों के साधारण बहुमत से, उसके साधारण सम्मिलन में पारित संकल्प द्वारा ऐसा सहयोग कर सकेगी। सहकारी सोयाइटी को ऐसा सहयोग करने के पूर्व प्रत्येक मामले में राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य है।
किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान का 2500/-प्रति च्ंिटल की दर से भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अनुशंसा करने हेतु मंत्रिमण्डलीय उप-समिति के गठन का आदेश जारी किया गया है। जिसका बैठक में अनुसमर्थन किया गया।
राज्य में वर्तमान में वास्तविक सिंचाई क्षमता 10.38 लाख हेक्टेयर है, जोकि कुल कृषि योग्य भूमि का 18 प्रतिशत है। राज्य में सिंचाई के त्वरित विकास हेतु छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम को छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास निगम में परिवर्तित किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ अद्योसंरचना विकास निगम में कार्यरत अमले को जहां प्रतिनियुक्ति पर है, उन्हें वहीं पर यथावत रखने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ सिंचाई विकास निगम का गठन अधिसूचना के दिनांक से प्रभावशील होगी।







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