नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

मौसम विभाग ने दी चेतावनी, आगामी 24 घंटों में होगी भारी वर्षा

 मौसम विभाग ने दी चेतावनी, आगामी 24 घंटों में होगी भारी वर्षा
Share

पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने तगड़े चक्रवात के चलते हो रही वर्षा 
रायपुर। भारतीय मौसम विभाग ने आज छत्तीसगढ़ के तटीय क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, कोंकण और गोवा और तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम और मेघालय, मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। तटीय क्षेत्र छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों एवं ओडिशा के लगभग सभी हिस्सों में फैला हुआ है। इस प्रकार, यह एक लंबी तटीय जोन है इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।

मौसम विभाग के अनुसार गरज और तेज़ हवाओं के साथ गरज के साथ (30-40 किमी प्रति घंटे तक की गति) हवांए चलने की संभावना है। इसके अलावा असम और मेघालय में अलग-थलग स्थान; पृथक स्थानों पर बिजली के साथ विदर्भ, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठावाड़ा, कोंकण और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, रायलसीमा, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में बारिश होने की संभावना जताई है।

दीपावली के समय लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जहां फुटकर व्यापारियों को व्यापार व्यावसाय प्रभावित हो रहा है वहीं खेतों में पानी भरने से (पनिया दुकाल) किसानों की आंखों में आंसू भर गए हैं। धान की खड़ी फसल असमय वर्षा के चलते बर्बाद हो गई है। वहीं नदी तट के किनारे एवं खेत खलिहानों में सब्जी लगाने वाले उत्पादक बारिश से सब्जी की फसल बर्बाद होने पर मायूस हैं।

Share

Leave a Reply