फंदे से लटका मिला मां-बेटी का शव, लव मैरिज के बाद दूसरी बीवी बनकर रह रही थी संगीता
रांची। झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर थाना क्षेत्र के राजबंधा गांव में एक 40 वर्षीया महिला (महाराष्ट्र) और उसकी नाबालिग बेटी की फंदे पर लटकी लाश बरामद की गई है. महिला वर्ष 2016 से राजबंधा के जितेंद्र पासवान के घर उसकी दूसरी पत्नी बन कर रह रही थी. महिला और किशोरी की लाश मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है. पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. वर्ष 2016 में महाराष्ट्र के नागपुर में लव मैरिज करने के बाद जितेंद्र पासवान संगीता और उसकी बेटी अंजली को लेकर अपने घर राजबंधा आ गया था. महिला उसके बाद से अपनी 12 वर्षीय पुत्री अंजली के साथ रह रही थी. जितेंद्र की पहली शादी 6-7 वर्ष पहले हुई थी. 2016 में महाराष्ट्र के नागपुर में लव मैरिज करने के बाद जितेंद्र पासवान संगीता औऱ उसकी बेटी अंजली को लेकर अपने घर राजबंधा आ गया था. महिला उसके बाद से अपनी 12 वर्षीय पुत्री अंजली के साथ रह रही थी. जितेंद्र की पहली शादी 6-7 वर्ष पहले हुई थी. उससे एक लकड़ा व एक लड़की है. जितेंद्र के साथ उसकी पहली पत्नी भी साथ में रहती है. इधर, कुछ दिन पहले जितेंद्र पासवान नागपुर से आकर अपने घर पर रह रहा था. शुरुआती जांच में पुलिस मामले को आत्महत्या मानकर चल रही है. महिला की पहचान राजबन्द निवासी जितेंद्र पासवान की दूसरी पत्नी संगीता देवी (40 वर्ष) और उसकी 12 वर्षीय पुत्री अंजली कुमारी के रूप में हुई है. संगीता महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली थी. जानकारी के अनुसार जितेंद्र पासवान ने संगीता देवी से वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था. जितेंद्र पासवान महाराष्ट्र के नागपुर में माप तौल (कांटा) का मैकेनिक है. नागपुर में रहते हुए उसे संगीता देवी से प्रेम हो गया था. जितेंद्र ने अपनी पहली पत्नी के रहते हुए उससे दूसरी शादी की थी. संगीता और उसकी बेटी अंजलि जिस कमरे में रहती थी. उसका दरवाजा रविवार को अंदर से बंद पाया गया. बाद में जितेंद्र पासवान ने अन्य लोगों के साथ मिलकर दरवाजा तोड़ा और अंदर गया तो देखा कि दोनों मां-बेटी की लाश फंदे पर लटकी हुई मिली. इसके बाद सनसनी फैल गई. आसपास के कई लोग मौके पर पहुंच गए. सूचना पर हैदरनगर थाना पुलिस भी आ गई. गांव वालों के अनुसार जितेंद्र पासवान के परिवार का आसपास के लोगों के साथ कम मेलजोल था. इस कारण घर के अंदर किसी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि की जानकारी स्थानीय लोगों को नहीं थी. हैदरनगर के थाना प्रभारी शिव शंकर उरांव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हुसैनाबाद अनुमंडल अस्पताल भेजा गया है. कारण स्पष्ट नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि परिजनों का बयान लिया जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिजनों का बयान लेने के बाद स्थिति स्पष्ट हो पायेगी.







.jpeg)












