वनांचल ग्राम रिकोकला का नाम नए धान उपार्जन केंद्र की सूची में शामिल कराने किसानों का आंदोलन
बलौदाबाजार- बलौदाबाजार जिले कसडोल विकासखण्ड के सुदूर और दूर्गम पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम रिकोकला में धान का नया खरीदी केंद्र नही खोलने से, रिकोकला के समर्थन में बया समिति के 41 गांवों के किसान सरकार के इस फैसले नाराज है।ग्राम के उप सरपंच राजीव अवस्थी ने बताया की इस गाव में अगर धन उपार्जन केंद्र खुल जाता है तो यहाँ के लोगो को सहुलियत होगी इसी मुद्दे को लेकर वे राजधानी में सभी आला अधिकारियो से मुलाकात कर उपार्जन केंद्र खोलने हेतु ज्ञापन दिया है
छतवन, दुमरपाली, रिकोखुर्द, रुंझहुनी और लुकाउपाली के 500 किसान सरकार के सरकार के फैसले के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन के राह में चले गए है। इन पांच गावों के किसानों ने रिकोकला में नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग की है। यह मांग इस क्षेत्र की बहुत पुरानी जायज मांग है। पिछले 15 सालों से इस क्षेत्र के किसान लगातर अपनी जायज मागों को लेकर छलते आ रहे है। छत्तीसगढ़ में नई सरकार और किसान पुत्र श्री भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने पर बलौदाबाजार जिले के इस वनांचल क्षेत्र के किसानों में भारी उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद भी निराशा में बदल गई। सरकार द्वारा जारी की गई नए धान खरीदी केंद्रों में रिकोकला का नाम नही होने से 5 गावों के समर्थन में पूरे 41 गांव के किसान एकजुट हो रहे है। 5 गांव के किसान पिछले 4 दिनों से आंदोलन-धरना प्रदर्शन का रुख अख्तियार कर चुके है। सभी किसान धरने में बैठने आए पहले छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत ” अरपा पैरी के धार-महानदी है आपार” की स्तुति से शुरू होती है। अपनी पारम्परिक परिवेश में हाथों में डंडा लेकर स्व:स्फूर्त शामिल हो रहे है।







.jpeg)












