नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

वनांचल ग्राम रिकोकला का नाम नए धान उपार्जन केंद्र की सूची में शामिल कराने किसानों का आंदोलन

वनांचल ग्राम रिकोकला का नाम नए धान उपार्जन केंद्र की सूची में शामिल कराने किसानों का आंदोलन
Share

बलौदाबाजार- बलौदाबाजार जिले कसडोल विकासखण्ड के सुदूर और दूर्गम पहाड़ियों के बीच बसे ग्राम रिकोकला में धान का नया खरीदी केंद्र नही खोलने से, रिकोकला के समर्थन में बया समिति के 41 गांवों के किसान सरकार के इस फैसले नाराज है।ग्राम के उप सरपंच राजीव अवस्थी ने बताया की इस गाव में अगर धन उपार्जन केंद्र खुल जाता है तो यहाँ के लोगो को सहुलियत होगी इसी मुद्दे को लेकर वे राजधानी में सभी आला अधिकारियो से मुलाकात कर उपार्जन केंद्र खोलने हेतु ज्ञापन दिया है

 

छतवन, दुमरपाली, रिकोखुर्द, रुंझहुनी और लुकाउपाली के 500 किसान सरकार के सरकार के फैसले के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन के राह में चले गए है। इन पांच गावों के किसानों ने रिकोकला में नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की मांग की है। यह मांग इस क्षेत्र की बहुत पुरानी जायज मांग है। पिछले 15 सालों से इस क्षेत्र के किसान लगातर अपनी जायज मागों को लेकर छलते आ रहे है। छत्तीसगढ़ में नई सरकार और किसान पुत्र श्री भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री बनने पर बलौदाबाजार जिले के इस वनांचल क्षेत्र के किसानों में भारी उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद भी निराशा में बदल गई। सरकार द्वारा जारी की गई नए धान खरीदी केंद्रों में रिकोकला का नाम नही होने से 5 गावों के समर्थन में पूरे 41 गांव के किसान एकजुट हो रहे है। 5 गांव के किसान पिछले 4 दिनों से आंदोलन-धरना प्रदर्शन का रुख अख्तियार कर चुके है। सभी किसान धरने में बैठने आए पहले छत्तीसगढ़ की राजकीय गीत ” अरपा पैरी के धार-महानदी है आपार” की स्तुति से शुरू होती है। अपनी पारम्परिक परिवेश में हाथों में डंडा लेकर स्व:स्फूर्त शामिल हो रहे है।

 


Share

Leave a Reply