नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

राजधानी के बड़े अस्पताल में हुई लापरवाही, जिन्दा नवजात बच्चे को भेजा पोस्टमार्टम के लिए, जाने पूरी खबर

राजधानी के बड़े अस्पताल में हुई लापरवाही, जिन्दा नवजात बच्चे को भेजा पोस्टमार्टम के लिए, जाने पूरी खबर
Share

नईदिल्ली | नवजात के पोस्टमार्टम के दौरान कर्मचारी के उस वक्त होश उड़ गए जब देखा कि ​शिशु की सांसें चल रही है। इसके बाद आनन-फानन में मामले की सूचना गाइनी डिपार्टमेंट को दी गई। यह मामला देश के सबसे बेहतर चिकित्सा संस्थानों में शुमार पीजीआई चंडीगढ़ का है। डॉक्टरों की इस गंभीर चूक से पीजीआई प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पीजीआई के प्रवक्ता का कहना है कि ऐसा मामला हमारे संज्ञान में आया है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि नवजात पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ था।

खबर मिली की पांच महीने की गर्भवती पीडिता का इलाज सेक्टर-45 की डिस्पेंसरी में चल रहा था। अल्ट्रासांउड में बच्चे में दिक्कत पाई गई। पीजीआई में जांच कराने पर पता चला कि बच्चे की रीढ़ की हड्डी में गंभीर बीमारी है। जन्म लेने के बाद वह मात्र दो से तीन साल तक ही जिंदा रह सकता है।


Share

Leave a Reply