BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

लैपटॉप का सही उपयोग न करना बढ़ा सकता है कई परेशानियां

लैपटॉप का सही उपयोग न करना बढ़ा सकता है कई परेशानियां
Share

अगर आप दिन भर अपना सारा समय और यहां तक कि खाली समय भी लैपटॉप पर काम करते हुए बिताते हैं? तो डॉक्टरों ने इसके घातक परिणाम होने की चेतावनी दी है। ऐसा माना जाता है कि कम आवृत्ति वाला चुंबकीय क्षेत्र जैसे कि परंपरागत कंप्यूटर मॉनीटर और लैपटॉप के बायोलॉजिकल प्रभाव होते है। जो कि विकसित होते ऊतकों को प्रभावित करती है।


साथ ही इससे जन्मदोष, कैंसर कोशिकाओं की ग्रोथ जैसी समस्याएं होती है। यह न्यूरोलॉजिकल फंक्शन में भी बदलाव कर देते है। हालांकि इसकी कोई प्रमाणिकता नहीं है कि कम आवृत्ति वाले चुंबकीय क्षेत्र के विकिरण की वजह से कैंसर होता है। कुछ वैज्ञानिकों को संदेह है कि यह टी-लिंफोसाइट को सही करने की क्षमता को बिगाड़ देता है, जो कि कैंसर से लडऩे में सहायक होती है।


हालांकि डॉक्टरों ने इस बात को खारिज किया है कि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि रोजमर्रा लैपटॉप इस्तेमाल करने वालों पर इसका बायोलॉजिकल प्रभाव पड़ता है। स्क्रीन से एक बांह की दूरी रखें। ऐसे में अगर आपको मॉनिटर देखने में दिक्कत आ रही है, तो टेक्स्ट साइज बढ़ाएं। इसके अलावा मॉनिटर के किनारों और पीछे से चार फीट की दूरी रखें। जिससे विद्युत चुंबकीय तरंगों का प्रभाव ज्यादा नहीं पड़ेगा।
अगर आप गर्भवती है या गर्भधारण करने की कोशिश कर रही है

तो कुछ सावधानियां बरते। कंप्यूटर पर कम समय व्यतीत करें और जहां तक संभव हो लैपटॉप को अपनी गोद में न रखें। लैपटॉप में काम करने के दौरान आपके हाथों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। ज्यादा टाइपिंग करने की वजह से मीडिएन नर्व में रेपिटेटिव स्ट्रेस इंजरी (आरएसआई) हो जाती है जिससे 'कारपल टनल सिंड्रोमÓ हो सकता है।


इसकी वजह से अंगुलियों में दर्द और कंपन होता है। इससे अंगुलियों में सुन्न, दर्द, हाथ की मजबूती में कमी, किसी वस्तु को पकडऩे में दिक्कत और कई अन्य मोटर स्किल को करने में परेशानी होती है। जब टाइप कर रहे हो तो आपके हाथों की स्थिति ठीक होनी चाहिए। अंगुलियां से कोहनी तक एक सीध में होनी चाहिए। कलाई किनारे की तरफ नहीं मुडऩी चाहिए। अपने कंधों और हाथों को गर्म रखें। स्क्रीन का एंगल आपके लाइन ऑफ विजन से 90 डिग्री का होना चाहिए।लैपटॉप को किताबों के ऊपर या लैपटॉप स्टैंड पर रखना चाहिए।
 


Share

Leave a Reply