अब विमान तल सहित अन्य स्थानों पर ड्रोन उड़ाने, लेनी होगी अनुमति
जगदलपुर। बस्तर मुख्यालय से शीघ्र ही हवाई सेवाएं शुरू होने की संभावना को देखते हुए डीजीसीए ने हवाई सेवाओं को सुरक्षित रखने के लिए एयरपोर्ट और शहर के विमान तल से लगे हुए क्षेत्र में नो फ्लाइंग जोन निर्मित कर दिया है और इसका परीक्षण भी शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार शहर के अंदर और इसके आसपास के इलाके में आसमान में सुरक्षा अत्याधिक प्रभावी बनाई गई है कि साधारण से ड्रोन के उडऩे के साथ इसके नो फ्लाइंग जोन के पास पहुंचते ही ड्रोन का संचालन करने वाले व्यक्ति को तुंरत ही नो फ्लाइंग जोन का संदेश प्राप्त होगा और ड्रोन हटाने की चेतावनी प्राप्त हो जायेगी।
उल्लेखनीय है कि डीजीसीए की ओर से सुरक्षा संबंधी यह व्यवस्था इतनी मजबूत है कि भेजी जाने वाली चेतावनी को अनदेखा करने वाले को अपने ड्रोन के रिमोट के जाम हो जाने से भुगतना पड़ेगा। इसके जाम होते ही ड्रोन की सुरक्षित लैंडिंग की गारंटी खत्म हो जाती है। ड्रोन को उड़ाने के बाद 60 फीट की ऊंचाई पार करने पर यह चेतावनी आ रही है।
इस संबंध में यह विशेष तथ्य है कि अब शादी या किसी अवसर विशेष के लिए ड्रोन से फोटोग्राफी करने के लिए आवश्यक स्वीकृति लेना आवश्यक होगा। ड्रोन के इस्तेमाल से 24 घंटे पहले इस बात की जानकारी स्थानीय थाने को देनी होगी, लेकिन 60 मीटर से ऊपर ड्रोन को नहीं उड़ा सकेंगे। इसके साथ ही ड्रोन को सिर्फ दिन में ही उड़ा सकते हैं। रात में इस्तेमाल के लिए डीजीसीए से अनुमति लेनी होगी।







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