OMG: जिन कीड़ों-मकोड़ों को देखना भी पसंद नहीं करते आप! उन्हें बड़े चाव से खाते हैं लोग
Shocking: दुनियाभर में अलग-अलग देशों में लोगों की पसंद अलग-अलग होती है. लोगों के अपना रहन सहन है और अलग-अलग ही खान-पान है. हालांकि हम लोगों को किसी का खान-पान खराब या सही लग सकता है. लेकिन लोग उसी के भरोसे अपना जीवन यापन करते हैं. आपको शायद सुनकर अजीब लगे लेकिन कुछ लोग टिड्डा (Grasshoppers), बिच्छू (Scorpions), झिंगुर (Crickets) जैसी चीजों को खाकर ही अपना काम चलात हैं. हालांकि कोरोना की शुरुआत में ऐसा कहा गया था कि चीनी लोगों के चमगादड़ (Bats) खाने से फैला था. लेकिन इसके बावजूद भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूएन (UN) ऐसे जीवों को खाने को बढ़ावा दे रहे हैं. WHO इन कीड़ों को मीट का विकल्प मानता है और इसीलिए इन्हें खाने की इजाजत दी जा रही है.बता दें कि ऐसे जीवों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है. आइए आपको बताएं कुछ देशों के अजीबोगरीब खान-पान के बारे में.
चींटियां लोगों को परेशान करती हैं. लोग इनसे परेशान होकर दूर भगाते हैं तो कई लोग इनहें शौक से खाते हैं. कई जगह पर इसकी चटनी भी बनाई जाती है. खास बात है कि इसे भारत में भी खाया जाता है. छत्तीसगढ़ की कई जनजातियां भी चीटियों की चटनी बनाकर खाती हैं. साथ ही कई जगहें ऐसी भी हैं जहां चीटियों को पकाकर उसमें नमक लगाया जाता है और पॉपकॉर्न की तरह भी खाया जाता है. साथ ही चीन के लोग चींटी का सूप भी बड़े चाव से पीते हैं.







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थाईलैंड समेत कई देश ऐसे हैं जहां झिंगुर को सैकड़ों सालों से खाया जाता रहा है. दुनियाभर के ज्यादातर देशों में लोग इसे शौक से खाते हैं. थाईलैंड में झिंगुर सड़कों पर बिकते हैं.
फूलों पर मंडराने वाले भौंरें कई लोगों का भोजन हैं. दरअसल भौंरों की कई प्रजातियां हैं और अफ्रीका के अलग-अलग हिस्सों में लोग इस चाव से खाते हैं. जानकार बताते हैं कि इनमें काफी ज्यादा मात्रा में प्रोटीन भरा होता है और फैट के भी अच्छे सोर्स होते हैं. इन्हें खाने से विटामिन ए और ई भी मिलता है.