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पेट्रोल और डीजल के दाम में हो सकता है 2 रुपये तक का इजाफा, ये है वजह

पेट्रोल और डीजल के दाम में हो सकता है 2 रुपये तक का इजाफा, ये है वजह
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नई दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कोरोना महामारी से पहले के स्तर यानी मार्च 2020 के दरों पर पहुंच गई है. कोरोना वैक्सीन पर आ रही सकारात्मक खबरों के बीच आज लगातार चौथे दिन कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया. पिछले चार दिनों में ब्रेंट और वेस्ट टेक्सस इंटरमिडिएट क्रूड ऑयल में लगभग 10 फीसदी का उछाल देखा गया है. क्रूड ऑयल की कीमतों में इजाफे का सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा.


हालांकि पिछले पांच दिनों से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में हो रहे इजाफे पर आज रोक लगी. दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल 81.59 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है. मुंबई में 88.29 रुपये, चेन्नई में 84.64 रुपये और कोलकाता में 83.15 रुपये दाम है. वहीं डीजल की प्रति लीटर कीमत दिल्ली में 71.41 रुपये, मुंबई में 77.90 रुपये और चेन्नई में 76.88 रुपये और कोलकाता में 74.98 रुपये है. बता दें कि पिछले पांच दिनों में पेट्रोल की कीमतों में 53 पैसे और डीजल की कीमतों में 95 पैसे प्रति लीटर इजाफा हुआ है.


हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ना तय है. कच्चे तेल की कीमतों में अगर और ज्यादा वृद्धि होती है तो यह भारत सरकार और उपभोक्ताओं के लिए नुकसान का सौदा बन सकता है. सरकार को अधिक क्रूड इंपोर्ट बिल अदा करना पड़ सकता है और वहीं बढ़ी हुई कीमतों का असर घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफे के तौर पर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा.


गौरतलब है कि भारत सरकार ने जनवरी से दिसंबर तक क्रूड ऑयल इंपोर्ट बिल पर लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये बचाए हैं. यह रकम मार्च 2020 में भारत सरकार द्वारा कोविड 19 से बचाव के लिए गरीबों को दिए गए 1.7 लाख करोड़ के पैकेज के लगभग बराबर है. क्रूड ऑयल की कीमतों में अगर 1 डॉलर का इजाफा होता है तो पेट्रोल और डीजल की कीमत खुदरा बाजार में लगभग 40 पैसे बढ़ जाती है. इस हिसाब से तेल के सेल की कमी को पाटने के लिए 2 रुपये प्रति लीटर खुदरा कीमतों में इजाफे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पडे़गा. 


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