पुलिस को दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश, जब्त करें वाट्सएप ग्रुप मेंबर्स के फोन: जेएनयू हिंसा मामला
नईदिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत को दिल्ली पुलिस ने मामले से जुड़े 2 वाट्सएप ग्रुप के 37 सदस्यों की पहचान किए जाने की जानकारी दी| दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया है कि उसने जेएनयू हिंसा मामले में यूनिटी ऑफ लेफ्ट और फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस वाट्सएप ग्रुप के सदस्यों की पहचान की है| मामले से जुड़ी दूसरी छात्रा सुचेता से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ करेगी. इस पर कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह इन दोनों वाट्सएप ग्रुट से जुड़े लोगों का फोन जब्त कर ले|
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट और फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस वाट्सएप ग्रुप के लोगों के फोन जब्त करने के साथ-साथ इनसे जुड़े लोगों को तलब कर पूछताछ करने का भी आदेश दिया है. आपको बता दें कि जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के मामले में इन दोनों ग्रुप का नाम सामने आया था. इस मामले में गूगल (त्रशशद्दद्यद्ग) को भी डाटा संरक्षित करने के लिए कहा गया है|
इधर, दिल्ली पुलिस ने जो तस्वीरें दिखाई हैं, जिनमें छात्राएं दिख रहीं हैं, इसी में से एक एमए की छात्रा सुचेता तालुकदार है, जिसे आज क्राइम ब्रांच की एसआईटी में अपना स्टेटमेंट देना है. इसी फोटो के आधार पर सुचेता को बुलाया गया है. पुलिस के मुताबिक लाल कपड़ों में सुचेता है|
इधर, सुचेता ने दिल्ली पुलिस की दिखाई तस्वीरों पर कहा कि दिल्ली पुलिस का कॉन्फ्रेंस था, उसमें एक फोटो दिखाकर कहा कि ये मैं हूं, मेरी समझ में नहीं आ रहा है कि क्यों? सुचेता ने कहा कि मैं स्टूडेंट रिप्रेजेंटेटिव हूं. अगर मैं यहां खड़ी हूं और कोई फोटो खींचकर भेज दे और कहे कि यह मेरी तस्वीर है? कब का फोटो है, किस डेट का है, मेरी समझ में नहीं आ रहा. उन्होंने कहा कि 5 जनवरी को मुझे कई छात्रों का फोन आया था कि बहुत वॉयलेंस हो रहा है. मैं स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज पर खड़ी थी. जिसे मारा गया वो मेरे स्कूल का है. लोग आकर बोले कि बहुत को मारा गया है, मेरा फर्ज है वहां जाना|







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