BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें

5 देशों में भूकंप के शक्तिशाली झटके, कई इलाकों में तबाही…इमारतें जमींदोज-सड़कों पर बड़ी-बड़ी दरारें
Share

28 मार्च 2025 :-  म्यांमार में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके थाईलैंड, बांग्लादेश, भारत और चीन सहित पांच देशों में महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार के मांडले के निकट था, जिससे वहां महत्वपूर्ण क्षति हुई। म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ और मांडले सहित छह क्षेत्रों में आपातकाल घोषित किया गया है।

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी भूकंप के प्रभाव से एक निर्माणाधीन 30 मंजिला इमारत ढह गई, जिसमें कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग मलबे में फंसे हुए हैं। थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनवात्रा ने शहर में आपातकाल की घोषणा की है। ​

बांग्लादेश, भारत और चीन के युन्नान और सिचुआन प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए, हालांकि इन क्षेत्रों से अब तक बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

म्यांमार की सैन्य सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है, और भारत ने तुरंत मदद की पेशकश की है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन संचार और परिवहन प्रणालियों को हुए नुकसान के कारण चुनौतियाँ बनी हुई हैं।

यह आपदा क्षेत्र में इमारतों के कमजोर निर्माण मानकों और भूकंप सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर करती है, जिससे नुकसान की तीव्रता बढ़ गई है।


Share

Leave a Reply