प्रधानमंत्री के बेटे ने ली पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद की शपथ...
लाहौर/नई दिल्ली : पाकिस्तान के नए प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज शरीफ ने शनिवार को देश के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पंजाब प्रांत की कमान संभाल ली। जिसके बाद पाकिस्तान की राजनीति में उनके वंश की पकड़ और मजबूत हो गई है।
पंजाब के सीएम पद के लिए हफ्तों के गतिरोध के बाद शनिवार को हमजा शहबाज शरीफ ने देश के सबसे अमीर,सबसे अधिक आबादी वाले और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली प्रांत पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला।
गौरतलब है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू (PML-Q) के प्रत्याशी परवेज इलाही और विधानसभा में विपक्ष के नेता हमजा शहबाज के बीच सीएम पद के लिए मुख्य मुकाबला था। हमजा पाकिस्तान के नवनियुक्त पीएम शहबाज शरीफ के पुत्र हैं। इससे पहले इमरान खान के करीबी उस्मान बुजदार सीएम थे। वह 2018 में सीएम बने थे, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव में इमरान सरकार के पतन के साथ ही उनकी भी बिदाई हो गई थी।
डॉन के अनुसार लाहौर हाईकोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था कि राज्य के नए सीएम का चुनाव कराया जाए। चीफ जस्टिस अमीर भट्टी ने डिप्टी स्पीकर मजारी को 16 अप्रैल को सीएम का चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
पद की शपथ लेने के बाद 47 वर्षीय हमजा शरीफ ने कहा कि पंजाब में एक महीने से चल रहे राजनीतिक संकट का आज अंत हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ से मार्गदर्शन मांगूंगा और गठबंधन सहयोगियों को विश्वास में लूंगा। पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में हमजा शरीफ की नियुक्ति पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी की नियुक्ति के कुछ दिन बाद हुई है। 33 साल के बिलावल भुट्टो जरदारी अब दुनिया के सबसे कम उम्र के विदेश मंत्रियों में से एक बन गए हैं।
गौरतलब है कि तीन बार के प्रधान मंत्री नवाज शरीफ सहित पूरा परिवार अनगिनत भ्रष्टाचार और धन शोधन के आरोपों में घिरा हुआ है। साथ ही हमजा शरीफ भी इस मामले में कोई अपवाद नहीं है। उनपर भी धन शोधन के कई आरोप लग चुके हैं। हालांकि शरीफ परिवार ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है और तर्क दिया है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।







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