BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

सात विधायकों की बढ़ी मुश्किलें, दगा करने वाले को बीजेपी भी नहीं दे रही भाव, पढ़िए राजनीतिक खबरें

सात विधायकों की बढ़ी मुश्किलें, दगा करने वाले को बीजेपी भी नहीं दे रही भाव, पढ़िए राजनीतिक खबरें
Share

  नई दिल्ली: सात विधायकों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। वहीं दगा करने वाले को बीजेपी भी भाव नहीं दे रही है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि पार्टी इन सभी विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर्स के समक्ष शिकायत दर्ज कराएगी और उनकी सदस्यता रद्द कराई जाएगी।

सपा का कहना है कि इन विधायकों की स्थिति खराब है क्योंकि ये फायदे के लिए बीजेपी में गए थे लेकिन बीजेपी ने वो फायदा नहीं हुआ, और लोकसभा चुनाव के बाद बदले समीकरणों के बीच अब बीजेपी द्वारा भी इन विधायकों को महत्व नहीं दिया जा रहा है।

सात विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

फरवरी में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के 7 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवाकर अपने सभी प्रत्याशी जितवा दिए थे। क्रॉस वोटिंग पर तो किसी भी तरह की कोई कार्रवाई का प्रावधान नहीं होता है और न ही कोई व्हिप जारी होता है।

इसके चलते उन एमएलएस के खिलाफ सपा ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। बीजेपी के साथ आए इन सपा विधायकों को अब काम पूरा हो जाने के बाद बीजेपी भी भाव नहीं दे रही है, वहीं अखिलेश यादव इन विधायकों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।

बता दें कि अगर अभी इन विधायकों की सदस्यता जाती है तो फिर उन्हें बड़ा नुकसान हो सकता है, क्योंकि अभी राज्य में विधानसभा चुनाव हुए महज दो साल ही हुए हैं और तीन साल का कार्यकाल बाकी है।

खास बात यह है कि इनमें से किसी भी विधायक को बीजेपी ने लोकसभा के लिए टिकट नहीं दिया था। अब अगर सदस्यता जाती है, तो फिर वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं रहेंगे। संकट यह भी होगा कि अगर बीजेपी से इन लोगों को उपचुनाव में टिकट नहीं मिला तो इनके राजनीतिक भविष्य पर भी खतरा हो सकता है।

गौरतलब है कि सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय पार्टी के चीफ व्हिप थे, और वह रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधानसभा के सदस्य हैं। रायबरेली सीट पर बीजेपी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करारी हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा पूजा पाल से लेकर लेकर राकेश पांडेय, विनोद चतुवेर्दी, आशुतोष वर्मा, और अभय सिंह भी लोकसभा की अपनी क्षेत्रीय सीटों पर बीजेपी को कुछ फायदा नहीं पहुंचा पाए थे। चुनाव नतीजों के बाद से बीजेपी इन विधायकों से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि इनके खिलाफ अब सपा बड़ा एक्शन ले सकती है।

अखिलेश भी दे चुके हैं झटका

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने पहले ही इन विधायकों को लेकर कहा था कि धोखा देने वालों को किसी भी कीमत में माफी नहीं दी जाएगी। सपा का कहना है कि गलतियों का माफी हो सकती है लेकिन षडयंत्र करने की कोई माफी नहीं हो सकती है। ऐसे में सपा अपने इन बागी विधायकों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने में फिलहाल तो कोई कोताही बरतने के संकेत नहीं दे रही है।

विपक्षी दलों से नेताओं का बीजेपी में आना

बता दें कि लोकसभा चुनावों में यूपी से बीजेपी का प्रदर्शन काफी खराब रहा है, पार्टी राज्य में महज 33 सीटें ही जीत सकी है। बीजेपी की इस स्थिति का कारण विपक्षी दलों से नेताओं का बीजेपी में आना भी माना जा रहा है, जिसके चलते यह भी दावा किया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता नाराज होकर अपने घरों में भी बैठ गए। ऐसे में पार्टी फिलहाल नुकसान की समीक्षा कर रही है और फिलहाल उसने इन बागी विधायकों से दूरी बना रखी है।


Share

Leave a Reply