जगदलपुर । नगर निगम क्षेत्र के शिवमंदिर वार्ड के डोंगाघाट क्षेत्र में स्थित जाम बगीचा, बीजाभाटा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एसडीएम एसआर मरकाम द्वारा रविवार की सुबह की गई। जिसके तहत अनाधिकृत रूप से बने मकानों को जेसीबी के द्वारा तोड़ा गया। इस कार्रवाई के चलते काफी संख्या में डोंगाघाट क्षेत्र के लोग जमा हो गये और प्रशासन के द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध करने लगे। अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि उनका मकान प्रतिवर्ष बाढ़ में डूब जाता है। 1996 में इंद्रावती नदी में आई भयानक बाढ़ से गांव के अधिकांश मकान डूब गये, लोगों को नाव से निकाला गया था। प्रशासन द्वारा उन्हें व्यवस्थित करने के लिए करकापाल में भूमि दी गई थी। जिस पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर लिया है। इसी कड़ी में अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू किया गया है।
गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव से पूर्व सर्वे कार्य भी किया था, और मकान जितने क्षेत्र में बना था उसका पटटा प्रदान किये जाने की बात भी कही गई थी। लेकिन पट्टा तो नहीं दिया गया बल्कि हमारे मकानों को तोड़ा जा रहा है। अधिकांश लोगों का कहना था कि वे वर्षों से इस क्षेत्र मकान बनाकर रह रहे हैं। 1992-93 शासन द्वारा अस्थाई रूप से निवासरत लोगों को अवैध अतिक्रमण मानते हुए राजस्व प्रकरण दर्ज कर दण्ड अधिरोपित किया गया था। जिसका भुगतान सभी अतिक्रमणकारियों ने किया था। किन्तु अब तक शासन के द्वारा बाढ़ पीडितों का व्यवस्थापन नहीं किया गया। जिसके चलते बाढ़ पीडि़तों द्वारा व्यवस्थापन के पूर्व बीजाभाटा से बेदखल करने की कार्यवाही नहीं किये जाने की मांग दिसम्बर 2008 में कलेक्टर से की गई थी। इसकी सूचना तात्कालीन विधायक एवं एसडीएम व तहसीलदार को भी दी गई थी।
एसडीएम श्री मरकाम ने लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। लेकिन बाढ़ पीडि़तों को व्यवस्थापित करने का कार्य भी जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक कर पीडि़तों के पक्ष में निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि सरकार द्वारा सभी बाढ़ पीडि़तों को मकान के लिए भूमि उपलब्ध कराई जायेगी, लेकिन बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में नियमानुसार कार्रवाई होगी।