नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

RBI ने इस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया रद्द, जानिए क्या होगा खाताधारकों के फंसे पैसों का

RBI ने इस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया रद्द, जानिए क्या होगा खाताधारकों के फंसे पैसों का
Share

 भारतीय रिजर्व बैंक ने पुणे के ‘द सेवा विकास को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड’ (The Seva Vikas Co-Operative Bank) का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और न ही उसके पास आमदनी की संभावनाएं हैं। ऐसे में उसका लाइसेंस रद्द किया जा रहा है। RBI ने सोमवार को कहा कि 10 अक्टूबर को कारोबारी घंटों के बाद सहकारी बैंक, बैंक कारोबार नहीं कर सकेगा।

बैंक द्वारा जो आंकड़े दिए गए हैं उनके अनुसार उसके 99 प्रतिशत जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) के तहत अपनी पूरी जमा राशि पाने के पात्र हैं। डीआईसीजीसी ने 14 सितंबर तक कुल बीमित जमा का 152.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। रिजर्व बैंक ने कहा, ‘बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी है और न ही आमदनी की संभावनाएं हैं।’ केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति में मौजूदा जमाकर्ताओं की पूरी राशि का भुगतान करने में सक्षम नहीं है।

रिजर्व बैंक ने कहा कि सेवा विकास को-ऑपरेटिव बैंक को बैंकिंग कारोबार से रोक दिया गया है। अन्य चीजों के अलावा बैंक तत्काल प्रभाव से न तो जमा स्वीकार कर सकेगा और न ही जमा का भुगतान कर सकेगा। सहकारिता आयुक्त और सहकारी समिति पंजीयक, महाराष्ट्र को बैंक के कारोबार समेटने का आदेश पारित करने और बैंक के लिए परिसमापक नियुक्त करने को भी कहा गया है।

 

Share

Leave a Reply