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20 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, टापू बने ओडिशा-बंगाल के तटीय इलाके

20 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट, टापू बने ओडिशा-बंगाल के तटीय इलाके
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बालासोर/कोलकाता। यास के चलते मौसम विभाग ने बंगाल के 11 व ओडिशा के नौ जिलों के लिए अगले 24 घंटे में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
इनमें इनमें बंगाल के पुरुलिया, नादिया, मुर्शिदाबाद, पूर्व बर्धमान, हावड़ा, झारग्राम, बांकुरा, दक्षिण व उत्तर 24 परगना, दार्जिलिंग और कालिमपोंग में बारिश भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपारा, जगतसिंहपुर, कटक, मयूरभंज, किओंझार और धेनकनाल में बारिश का अलर्ट जारी हुआ है।
ओडिशा विशेष राहत आयुक्त पीके जेना ने बताया कि राज्य के 36 ब्लॉक में 304 एममए तक बारिश दर्ज की गई। वहीं 37 ब्लॉक में 55-110 एमएम बारिश हुई। बीते 24 घंटे में भद्रक जिले के चांदबाली में अकेले 288.3 एमएम बारिश दर्ज की गई।
वहीं केंद्रपारा के राजकनिका में 255 एमएम बारिश हुई। जिसके कारण गांवों में पानी भर गया, स्थानीय प्रशासन पानी निकालने के लिए उचित कदम उठा रहा है। बारिश के कारण बुद्धबलांग नदी में जलस्तर खतरे के निशान से महज छह बिंदु नीचे तक पहुंच गया। खंभे टूटने से जगतसिंहपुर, केंद्रपारा और जाजपुर जिले में बिजली आपूर्ति ठप हुई हालांकि प्रशासन ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया।

सेना, नौसेना व एनडीआरएफ की टीमों ने कसी कमर
तूफान के बाद राहत कार्य के लिए सेना, नौसेना और एनडीआरएफ की टीमों ने कमर कस ली है। गांवों से पानी निकाला जा रहा है। टूटकर गिरे पेड़ों को हटाकर रास्ता खोलने का काम भी शुरू हो गया है।
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि बंगाल में प्रशासन की मदद के लिए 17 कॉलम राहत सैनिकों को मोेर्चे पर लगाया है। इन सैनिकों ने दीघा में फंसे 32 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बिजली के टूटे खंभों की मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है ताकि प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल हो सके।

बंगाल के रिहायशी इलाकों में घुसा पानी, सेना ने संभाला मोर्चा
यास के कारण भारी बारिश के बीच समुद्र का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। हालात बिगड़ने पर सेना ने मोर्चा संभाला। पूर्व मेदिनीपुर के रामनगर इलाके में सेना के जवानों ने लोगों को बाहर निकाला।
यहां पेड़ टूटने से रास्ता बंद हो गया था और राहत कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। वहीं शंकरपुर इलाके का एक स्कूल समुद्र की लहरों में बह गया। समुद्र का पानी घुसने से पूरा इलाका टापू बन गया और गांव के ट्रैक्टर, कारें पानी में तैरते नजर आए।

 


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