BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

26 जनवरी नहीं बल्कि 29 जनवरी को मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस, जानें क्यों …

26 जनवरी नहीं बल्कि 29 जनवरी को मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस, जानें क्यों …
Share

 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस अब से कुछ ही दिन बाद में आने वाला है जिसे लेकर जोर शोर से तैयारियां की जा रही है। सन 1950 को हमारे देश का संविधान लागू हुआ था जिसके बाद से हर साल 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। नियमानुसार पूरे देश भर में इसी दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता है लेकिन एक जगह ऐसी है जहां 26 जनवरी नहीं बल्कि 29 जनवरी को मनाया जाता है।

धर्मनगरी उज्जैन में एक मंदिर ऐसा है, जहां इस बार गणतंत्र दिवस 26 को नहीं, बल्कि 29 जनवरी को मनाया जाएगा। यह पहली बार नहीं है, बल्कि हर साल यहां गणतंत्र दिवस अलग तिथियों पर ही मनाया जाता है। ऐसा करने के पीछे मंदिर प्रशासन की अपनी खास वजह है।

दरअसल, कई दशकों से बड़े गणेश मंदिर में तारीखों पर नहीं, बल्कि तिथियों के अनुसार राष्ट्रीय पर्व और त्योहार मनाए जाते हैं। इस बार गणतंत्र दिवस की तिथि भी 29 जनवरी को पड़ रही है, जिस कारण यहां 29 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। मिली जानकारी के अनुसार मंदिर के सेवादार कहते हैं कि अंग्रेजी तारीख के मुताबिक तीज, त्योहार, वर्षगांठ मनाने की परंपरा शास्त्रों में नहीं है, हमें पंचांग के अनुसार ही इन्हें मनाना चाहिए। मंदिर में ऐसा वर्षों से होता आ रहा है।


Share

Leave a Reply