साध्वी जी श्री प्रियदर्शनाश्रीजी म सा ठाणा ७ का निर्वाणा आगमन, जाने पूरी खबर
प्रवचन एवं अभिनंदन कार्यक्रम
बालाघाट-/श्रमणसंघ की महान साध्वी श्री प्रियदर्शनाश्रीजी म सा ठाणा ७ का आज दुर्ग चातुर्मास करने के पश्चात बालाघाट नगर में प्रवेश हुआ श्री सोहन वैद्य एवं सुभाष लोढा के दिशा निर्देश में बालाघाट की क्षेत्रों में साध्वी श्री का जोरदार मंगल प्रवेश हुआ प्रवेश के पश्चात पार्श्वनाथ जैन भवन एवं निर्वाणा स्वाध्याय भवन में आगमन हुआ। साध्वी श्री का जैन भवन में प्रार्थना प्रवचन दोपहर को महिलाओं की संस्कारशाला एवं रात्रि में प्रतिक्रमण पश्चात ज्ञान चर्चा निमित्त जारी है पूज्य साध्वी श्री के आगमन के पश्चात बालाघाट नगर में धर्म ध्यान की गंगा बह रही है जिसे वहां के धर्म निष्ठ श्रावक श्राविका इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं
श्रमण संघ दुर्ग का संघ साध्वी श्री के दर्शनार्थ बालाघाट गया और दिन भर सेवा भक्ति कर देर रात वापस लौट आया
दोपहर में आयोजित धर्म सभा में प पू श्री विचक्षणश्रीजी म सा ने कहा कि अनंत पुण्य से प्राप्त इस अमूल्य मनुष्य जीवन को यूं ही बर्बाद नहीं करना है

सोने की तिजोरी में,कंकर नहीं भरना ।
मेरा निश्चय है अबसे,कभी पाप नहीं करना ।
उपरोक्त गीत के माध्यम से मार्मिक उद्ब़ोधन दिया।
साध्वी जी श्री रत्नज्योतिजी म सा ने पिक्चर हाल का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे पिक्चर हाल में द्वार बंद होता है वैसे ही सामायिक की आराधना में आश्रव द्वार बंद करो। भौतिकता का प्रकाश बंद करो और निंदा-विकथा की आवाज बंद करो तभी सामायिक की साधना सार्थक होगी। निंदा वही करता है जो स्वयं कुछ नहीं कर पाता।
कार्यक्रम के प्रारंभ में कांता चतुरमोहता, ममता बाघरेचा, एवं श्री सुशील बहु मंडल ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।सभा का संचालन करते हुए सुभाष लोढ़ा ने साध्वी मंडल का भावभीना स्वागत किया।
जिनका अभिनंदन किया गया
आयोजित समस्त कार्यक्रम को सफल बनाने मैं कैलाश चौरडिया सुभाष पगारिया देवी चंद बोहरा भागचंद बोथरा एवं विहार सेवा में श्री राम कुमार गुप्ता का विशेष रुप से सहयोग रहा इसके अलावा
निर्वाणा रेसीडेंसी सोसायटी के
लखमीचंद जी लोढ़ा
प्रेमचंदजी,अनिल श्रेयांस वैद्य
श्रीमती ऊषा योगेशजी वैद्य
हुकमीचंदजी अनीस कांकरिया
श्रीजैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के
प्रेमचंदजी नितीन चोपड़ा
डॉ.चंद्रशेखर अनुराग चतुर्मोहता
शांतिलालजी संयोग कोचर
चंद्रप्रकाशजी अखिल वैद्य
विकासजी यशकुमार कांकरिया
हरिओमजी अग्रवाल
शिखरचंद जी चतुरमोहता
दिलीप जी बागरेचा का विशेष सहयोग रहा







.jpeg)
.jpg)











