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प्रधानमंत्री आवास योजना में करोड़ो का घोटाला, नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैंक कर्मचारी भी है शामिल...

प्रधानमंत्री आवास योजना में करोड़ो का घोटाला, नगर परिषद अधिकारियों के साथ बैंक कर्मचारी भी है शामिल...
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इंदौर। नगर परिषद में पदासीन अधिकारियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सिर्फ कागजों पर दर्शा कर करोड़ों की हेराफेरी करने की बात उजागर हुई है। दरअसल महू गांव नगर परिषद में पीड़ित सूरज दूबेले ने नगर परिषद के अध्यक्ष व पद अधिकारियों के नाम शिकायत की है। शिकायत में इन्होंने बताया की इनकी पत्नी मंजु दूबेले के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया गया था। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद 40, हजार की पहली किश्त खाते में भी डाल दी गई थी, लेकिन फिर खाते से वह किश्त वापस निकाल ली गई। कई बार परिषद के चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं की गई। 

इंदौर कलेक्टर सहित प्रधानमंत्री से की है शिकायत-
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जब दुबेले जानकारी निकाली, तब जाकर पता चला की उनके नाम से प्रधान मंत्री आवास योजना का लाभ पहले ही लिया जा चुका है। दुबेले के खाते में दो लाख पचास हजार की राशि डाली जा चुकी है, वही जब आवेदक ने बैंक में जाकर खाते की जानकारी निकाली तो खाते में ऐसी किसी राशि की इंट्री नहीं दिखाई दी। दुबेले को जल्द मामला समझ में आ गया और इसकी शिकायत उसने महू SDM, इंदौर कलेक्टर सहित प्रधानमंत्री तक से की है। 

अधिकारियों की साठ-गांठ-
सूचना के अधिकार से मिली जानकारी में पता चला की ऐसे कई और लोग है जिनके नाम सूची में तो दर्ज हैं लेकिन उन्हें अभी तक इस योजना का लाभ नहीं मिला है। परिषद में बैठे अधिकारियों की साठ गांठ से योजना का लाभ अपने रिश्तेदारों को दे दिया गया है। इस पूरे मामले में जब नगर परिषद के अधिकारी सी,एम,ओ आधार सिंह से बात की तो उन्होंने ऐसे मामलों की जांच का का भरोसा दिया है।

अपने पद का दुरुपयोग-
बता दें कि नगर परिषद की अध्यक्ष भाजपा के नेता राम किशोर शुक्ला की पत्नी रेखा राम किशोर शुक्ला हैं और पीड़ित के अनुसार इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर कई ऐसे लोगों को योजना का लाभ दे दिया है जो इस योजना का लाभ लेने के पात्र ही नहीं है। आवेदक ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है की योजना के नाम से कारोड़ों रु का भ्रष्टाचार किया गया है। 
 

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