BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

शर्मनाक : मां के शव को बाइक पर 80 किलोमीटर ले गया बेबस बेटा, मध्य प्रदेश के शहडोल में मर गई 'मानवता'

शर्मनाक : मां के शव को बाइक पर 80 किलोमीटर ले गया बेबस बेटा, मध्य प्रदेश के शहडोल में मर गई 'मानवता'
Share

 मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शहडोल मेडिकल कॉलेज (Shahdol Medical College) में एक महिला की मौत के बाद शव वाहन तक नहीं उपलब्ध कराया गया, जिसकी वजह से उसके बेबस बेटों को उनका शव (Mother's Dead Body) बाइक से लेकर जाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि महिला की मौत के बाद शव वाहन तक नहीं उपलब्ध कराया गया इसके बाद बेटों को मां का शव लकड़ी की एक पटरी में बाधकर बाइक से शहडोल जिले से अनूपपुर तक 80 किलोमीटर दूर अपने घर लेकर गए।

क्या है ये सारा मामला

मध्य प्रदेश के शहडोल के पास अनूपपुर के की रहने वाली महिला जयमंत्री यादव को सीने में तकलीफ होने के कारण बेटों ने उपचार जिला अस्पताल शहडोल में भर्ती कराया था जहां  हालत खराब होने के कारण मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतका के बेटों ने जिला अस्पताल की नर्सों पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाते हुए मां की मौत के लिए मेडिकल अस्पताल प्रबंधन  को जिम्मेदार  ठहराया, हालांकि ये पीड़ा यहीं नहीं खत्म हुई मां की डेथ के बाद उन्हें अपनी मां के शव को बाइक पर लाना पड़ा।

बेटों ने बताया कि अस्पताल में मौत के बाद शव वाहन नहीं उपलब्ध कराया गया

बेटों ने बताया कि अस्पताल में मौत के बाद शव वाहन नहीं उपलब्ध कराया गया, प्राइवेट शव वाहन वाले ने पांच हजार रुपए मांगें, लेकिन परिजनों के पास इतने पैसे नहीं थे, आखिरकार बेटों ने मां के शव को बाइक पर घर ले जाने का फैसला किया, फिर सौ रुपए की एक लकड़ी की पटिया खरीदी और उसके ऊपर शव को बांधकर बाइक से 80 किलोमीटर का सफर तय कर अपने घर अनूपपुर पहुंचे।


Share

Leave a Reply