शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय के छात्राओ ने आज किया कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण,रेशे से बना जैकेट रहा आकर्षण का केंद्र...
रायपुर| आज शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय के गृहविज्ञान की छात्राओ एवं टीचर्स ने डॉ संध्या वर्मा के नेतृत्व में कृषि विश्वविद्यालय का भ्रमण किया।डॉ ज्योति भट्ट, एवं डॉ टुटेजा ने अपनी टीम के साथ छात्राओं को, फ़ूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, फ़ूड प्रिजर्वेशन की विस्तृत जानकारी दी। धान की 1200 से भी ज्यादा किस्मो का उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। मुनगे के पोषकीय महत्व, उसकी प्रोसेसिंग, मशरुम उत्पादन एवं प्रोसेसिंग सौंदर्य प्रसाधनों, साबुन निर्माण, पौधों के औषधीय उपयोग आदि की जानकारी के अलावा बच्चों ने म्यूसियम भी देखा।जहां अलसी के पौधे के रेशे से बना जैकेट आकर्षण का केंद्र था।
महिलाओं द्वारा संचालित स्वसहायता समूह के कार्यो की जानकारी दी एवं डायबिटीज के लिए विशेष रूप से उत्पादित किये जा रहे विशेष प्रकार के चाँवल, और उसके पोषणीय मूल्य की जानकारी दी। रागी में अधिक मात्रा में कैल्शियम एवं ग्लायसिमिक इन्डेक्स निम्न होने के कारण, डायबिटीज के रोगियों के लिए उत्तम होता है।

कोदो चाँवल द्वारा माल्ट तैयार कर उससे बिस्किट जैसे उत्पाद एवं मल्टीग्रेन आटा के बारे में जानकारी दी।नॉन टिम्बर फारेस्ट उत्पादन के अंतर्गत लाख एवं सिंदूर निर्माण की तकनीक की जानकारी दी। इस विजिट का उद्देश्य छात्राओ को,गृह विज्ञान प्रसार शिक्षा, फ़ूड प्रोसेसिंग, फ़ूड प्रिजर्वेशन, स्वरोजगार, न्यूट्रिएंट्स, टेक्सटाइल फाइबर की जानकारी देना था।
धान की 23,000 प्रजातियों की जानकारी दी गयी। तथा कृषि की परंपरागत एवं आधुनिक तकनीक के बारे मे बताया गया। छत्तीसगढ़ में जिलेवार धान की सुगंधित किस्मो का सचित्र प्रदर्शन छात्राओ ने देखा। इस विजिट में डॉ शैल बाला ,डॉ उषा अग्रवाल, डॉ चित्रा देशपांडे डॉ कल्पना झा ,डॉ प्रभा वर्मा, एवं डॉ लक्ष्मी देवनानी उपस्थित थे।







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