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चट्टानों के बीच सेल्फी लेना दो भाइयों के लिए जानलेवा साबित हुआ, तेज बहाव में बहे

चट्टानों के बीच सेल्फी लेना दो भाइयों के लिए जानलेवा साबित हुआ, तेज बहाव में बहे
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जबलपुर. मध्य प्रदेश के जबलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है. सेल्फी लेना दो भाइयों के लिए जानलेवा साबित हुआ. दोनों युवक विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट में सेल्फी ले रहे थे. तभी अचानक पैर फिसला और पानी के तेज बहाव में दोनों बह गए. दोनों को पानी में गिरता देख आस-पास मौजूद लोग बचाने भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. पानी के तेज बहाव में दोनों समा गए. शनिवार को युवकों को रेस्क्यू करने के लिए गोताखोरों को बुलाया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी.

रविवार को भी युवकों की तलाश जारी रही. 24 घंटे बाद भी दोनों का पता नहीं चल पाया है. दोनों भाई भेड़ाघाट जलप्रपात घूमने आए थे. होमगॉर्ड और गोताखोरों की टीम अभी भी लापता युवकों की तलाश कर रही है.

24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं
दरअसल, 24 सितंबर को रांझी के रहने वाले शुभम टैगोर अपने भाई शिवांश टैगोर के साथ भेड़ाघाट घूमने आया था. शिवांश उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का रहने वाला है और भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों को देखने के लिए वह बेहद उत्साहित था. इस बीच पानी का तेज बहाव देखकर चट्टानों के बीच खड़े होना और सेल्फी लेने का उसका मंसूबा इस कदर उस पर और परिवार पर कहर बरपाएगा यह उसने नहीं सोचा था. पानी के तेज बहाव में डूबने से पहले उसकी आखिरी तस्वीर भी कैमरे में कैद हुई जिसमें साफ दिख रहा है कि किस तरीके से इन्होंने खुद मौत को आमद दी.

24 घंटे बीत जाने के बाद भी अभी दोनों भाइयों के शव बरामद नहीं हो पाए हैं. गोताखोर और होमगार्ड की टीम लगातार बहाव वाले तटीय क्षेत्रों में शवों की तलाश में जुटे हुए है. वही भेड़ाघाट नगर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि ना तो अब तक कोई सूचना पटल है और ना ही पर्यटकों को रोकने के लिए को सुरक्षा घेरा बनाया गया है. आए दिन लोग गहरे पानी में नहाते हुए सेल्फी लेते नजर आते हैं. बेशक यह जिम्मेदारी खुद आम लोगों की है कि वह गहरे पानी से दूर रहें, लेकिन दूसरी ओर सरकारी महकमों को भी देखना चाहिए कि हर साल होने वाले हादसों से सबक लेते हुए एहतियातन इंतजाम किए जाएं.


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