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महिला पुलिस अधिकारी से अनाचार के अपराधी को दस वर्ष की सजा

महिला पुलिस अधिकारी से अनाचार के अपराधी को दस वर्ष की सजा
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जगदलपुर| पुलिस विभाग में कार्यरत एक महिला पुलिस अधिकारी से विवाह का झांसा देकर अनाचार करने के अपराधी को अदालत ने 10 वर्ष कारावास की सजा प्रदान की है। प्रकरण के अनुसार वर्ष 2015 में आरोपी प्रीतोष कुमार दास निवासी राजीव गांधी वार्ड आकाशनगर की पहचान एक 26 वर्षीया महिला पुलिस अधिकारी से हुई। उसने महिला को प्रेम जाल में फंसाया। एक दिन आरोपी ने युवती को अपने पिता से शादी की बात करने की बात कहकर उसे घर बुलवा कर आरोपी ने भगवान की तस्वीर के सामने उसके माथे में सिंदूर लगाकर उसके गले में मंगल सूत्र पहना दिया। इसके बाद उसने महिला अधिकारी को स्वयं की पत्नी निरूपित कर उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे शारीरिक संबंध बनाये। इसके बाद अक्सर वह अभियुक्त पीडि़ता का दैहिक शोषण करता रहा। इसके फलस्वरूप वह दो बार गर्भवती हुई पर आरोपी ने उसका जबरन गर्भपात करवा दिया। शादी की बात कहने पर वह टालमटोल करता रहा। आरोपी ने इस दौरान किसी अन्य महिला से सगाई कर ली। इसकी सूचना मिलने पर पीडि़ता ने बोधघाट थाने पहुंच शिकायत दर्ज करवाई। पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर चालान न्यायालय में पेश किया था। पिछले बुधवार को मामले की सुनवाई करते एडीजे एफटीसी अभिषेक शर्मा ने सभी पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने अभियुक्त को आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास व 50 हजार अर्थदंड, धारा 493 के तहत सात वर्ष व 25 हजार अर्थदंड तथा धारा 313 के तहत 10 वर्ष की सजा व 50 हजार अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय दिया। अर्थदंड न चुकाने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। 


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