BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

कैबिनेट बैठक से साबित हो गया कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की नियत इस सरकार में क़तई नहीं है : साय

कैबिनेट बैठक से साबित हो गया कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की नियत इस सरकार में क़तई नहीं है : साय
Share

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की कैबिनेट की बैठक में हुई चर्चाओं को नाकाफी बताते हुए कहा कि ज़ुबानी जमाख़र्च की थोथी क़वायद करने के बजाय प्रदेश सरकार अपने उन वादों की चर्चा करे, जो उसने चुनाव जीतने के लिए प्रदेश की जनता से किए हैं। विष्णुदेव साय ने कहा कि मंगलवार को हुई प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जनता से किए गए वादों को पूरा करने की नीयत इस सरकार में क़तई नहीं है।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने 39 विषयों पर चर्चा की, लेकिन विडम्बना यह है कि उन विषयों में एक भी वह विषय चर्चा में नहीं आया जो जनाकांक्षाओं को पूरा करने की प्रदेश सरकार की इच्छाशक्ति का परिचय देता। प्रदेश सरकार को सत्ता सम्हाले ढाई साल से ज़्यादा वक़्त हो गया है और कैबिनेट की जब भी बैठक होती है तो जनता को इस बात की अभिलाषा होती है कि जो वादे करके कांग्रेस की सरकार सत्ता पर क़ाबिज़ हुई है, कहीं-न-कहीं उन वादों के क्रियान्वयन के फ़ैसले लेकर उनको लागू करने की पहल दिखेगी, लेकिन कैबिनेट की बैठक से प्रदेश निराश हुआ है।

साय ने अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा कि बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल करने वाली इस सरकार की कैबिनेट बैठक में उन वादों की चर्चा तक नहीं हुई। पूर्ण शराबबंदी की दिशा में प्रदेश सरकार कैसे आगे बढ़ना चाहती है, उसे पर कोई चर्चा नहीं हुई। इसके अलावा बेरोज़गारी भत्ता का वादा कब पूरा होगा, सरकार यह नहीं बता रही है। जूता पॉलिश, मनरेगा में मज़दूरी कर रहे और कहीं-कहीं भीख मांगकर गुजारा कर रहे चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को कब नियुक्ति दी जाएगी, युवा-शिक्षित बेरोज़गारों से छल-कपट कर रही प्रदेश सरकार इस पर ख़ामोश बैठी हुई है। साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की कर्ज़माफ़ी करने, नक्सल प्रभावित पंचायतों एक-एक करोड़ रुपए देने, सम्पत्ति कर आधा करने, धान का दो वर्ष का बकाया बोनस देने, 200 फूड प्रोसेसिंग युनिट स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर कैबिनेट में कोई चर्चा तक नहीं किए जाने पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार अब वादाख़िलाफ़ी ही कर रही है। प्रदेश सरकार यदि अपने वादों पर कोई चर्चा तक नहीं करेगी तो वे पूरे कैसे करेगी? श्री साय ने कहा कि इसका मतलब तो यही है कि प्रदेश सरकार अपने वादों से पूरी तरह मुकर गई है और जनापेक्षाओं की कसौटी पर खोटा सिक्का बनकर रह गई है।


Share

Leave a Reply