50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी कार, शिक्षक और उनके दो बेटों की हुई मौत....
सागर : सागर में देर रात गुरुवार को एक कार कुएं में गिरने की दर्दनाक घटना सामने आ रही है। उसमें सवार शिक्षक और उनके दो बेटों की डूबने से मौत हो गई। घटना रात 9.45 बजे का है। शिक्षक अपने दोनों बेटों को कार में घुमाने के बाद घर लौट रहे थे। घर के पास जैसे ही कार को रिवर्स किया, पीछे 50 फीट गहरे कुएं में जा गिरी। कुएं में करीब 10 फीट पानी है। पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों के शव बाहर निकाले जा सके। मोतीनगर पुलिस हादसे का सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
मुंडीटोरी इलाके में रेलवे ट्रैक के पास गोविंदनगर कॉलोनी में 40 वर्षीय शिक्षक हिमांशु तिवारी का परिवार रहता है। शिकारपुर माध्यमिक शाला में पदस्थ हिमांशु गुरुवार की रात बेटे नित्यांशु (14) उर्फ बिट्टू तिवारी और धनंजय (10) उर्फ ध्रुव तिवारी को कार से घुमाने निकले थे। घर के सामने ही कुछ दूरी पर कुआं है।
वापस आए तो कार घर खड़ी करने के लिए रिवर्स कर रहे थे, तभी अचानक कार की स्पीड बढ़ गई और पीछे की तरफ कुएं में जा गिरी। पत्नी मणिप्रभा घर के अंदर थी। कुएं में कुछ गिरने की आवाज सुनकर लोगों ने उसमें झांका तो कार का हिस्सा दिखाई दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई और कॉलोनी के लोग जमा हो गए।
डायल-100 और मोतीनगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने रेस्क्यू शुरू किया। क्रेन मंगाई गई। इससे कार को बाहर निकाला गया। जिसके अंदर हिमांशु का शव देख चीख-पुकार मच गई। दोनों बच्चे कार से बाहर कुएं के अंदर मिले। पहले छोटे बेटे ध्रुव का शव निकाला। कुछ देर बाद कांटा डालकर बड़े बेटे बिट्टू का शव खोजा गया। देर रात तक पत्नी मणिप्रभा को पति और बच्चों की मौत की खबर नहीं दी गई थी। उन्हें बताया गया था कि तीनों का इलाज चल रहा है।
दिव्यांग पुत्र को घुमाने खरीदी थी कार
हिमांशु का बड़ा बेटा बिट्टू जन्म से ही दिव्यांग था। उसे घुमाने के लिए पिता ने कार खरीदी थी। हिमांशु रात में भोजन के बाद रोज घर के सामने वाले मैदान में दोनों बच्चों को कार से घुमाते थे। कई बार पड़ोसियों के बच्चे भी कार में घूमने जाते थे। गुरुवार की रात सिर्फ दोनों बेटे ही कार में थे। कार ऑटोमैटिक थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे के करीब पौन घंटे बाद रात 10.30 बजे शुरू हुआ। रात 11 बजे कार और तिवारी को कुएं से निकाला गया। तिवारी को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बच्चों को कुएं से निकाला।
कुएं की नहीं है मुंडेर
घटनाक्रम के बाद क्षेत्रवासियों में मातम के साथ आक्रोश है। जिस कुएं में कार गिरी उसमें मुंडेर नहीं है। कुआं करीब 80 फीट चौड़ा और 50 फीट गहरा है। हादसे से गुस्साए परिजन और रिश्तेदारों ने कुआं मालिक को घटना का जिम्मेदार ठहरा रहे थे। पत्नी मणिप्रभा और परिजन का आरोप है कि कई बार बाउंड्री बनाने के लिए कहा गया, लेकिन अनदेखी की गई। मौके पर पहुंचे मोतीनगर थाना प्रभारी नवल आर्य ने बताया कि कार कुएं में गिरने से पिता और दोनों बेटों की मौत हो गई। पूरे मामले की जांच की जाएगी।







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