नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

मुख्यमंत्री ने डॉ. खूबचंद बघेल को उनकी जयंती पर श्रद्धाजंलि अर्पित की

मुख्यमंत्री ने डॉ. खूबचंद बघेल को उनकी जयंती पर श्रद्धाजंलि अर्पित की
Share

रायपुर | मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल को उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धाजंलि अर्पित की। श्री बघेल ने डॉ. खूबचंद बघेल के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गिरीश देवांगन, राज्य खाद्य और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल और राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती करुणा शुक्ला भी उपस्थित थीं।

 मुख्यमंत्री ने डॉ.बघेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि वे जीवन के अंतिम समय तक कई रचनात्मक कार्यों और किसान-मजदूर हितैषी गतिविधियों से जुड़कर छत्तीसगढ़ की सेवा करते रहे। छत्तीसगढ़  राज्य आंदोलन को गति देने में उनकी निर्णायक भूमिका रही। डॉ. बघेल ने गांधी जी से प्रभावित होकर शासकीय नौकरी से त्यागपत्र दिया और सक्रिय रूप से स्वाधीनता आंदोलनों से जुड़े। उनके प्रभाव ने सैकड़ों युवाओं को स्वाधीनता संग्राम से जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक गम्भीर चिंतक और विचारक थे। हिन्दी और छत्तीसगढ़ी में डॉ.बघेल द्वारा जनसरोकार और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लिखे गए नाटकों ने भी जनमानस पर गहरा प्रभाव डाला। छत्तीसगढ़ के लिए उनका योगदान सदा याद किया जाएगा।

Share

Leave a Reply